मध्य पूर्व में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बावजूद लेबनान पर इजरायल के लगातार हमलों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई है और अब सीजफायर भी खतरे में नजर आ रहा है.
ईरान ने इस मुद्दे पर साफ रुख अपनाया है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगर लेबनान में सैन्य कार्रवाई नहीं रुकी तो युद्धविराम का कोई मतलब नहीं रह जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान में हमले रोकना ही सीजफायर की असली शर्त है.
इजरायल का हवाई हमला
इजरायल के हालिया हवाई हमलों में लेबनान में भारी नुकसान हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार, इन हमलों में कम से कम 254 लोगों की मौत हुई है और 1,165 लोग घायल हुए हैं. राजधानी बेरूत के घनी आबादी वाले इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं, जिससे हालात और चिंताजनक हो गए हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे शर्मनाक और घिनौना अपराध बताया और कहा कि यह सीजफायर का खुला उल्लंघन है. उन्होंने अमेरिका को भी इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का बयान
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को सख्त संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को तय करना होगा कि वह युद्धविराम चाहता है या फिर इजरायल के जरिए जारी इस संघर्ष को. उनके अनुसार, दोनों चीजें एक साथ नहीं चल सकतीं. अराघची ने यह भी कहा कि अब फैसला अमेरिका के हाथ में है और पूरी दुनिया इस स्थिति पर नजर रखे हुए है. उनके इस बयान से साफ है कि अगर हालात नहीं बदले, तो आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है.
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