ईरान के साथ युद्ध में उतरा अमेरिका मदद के लिए यूरोप की ओर देख रहा है, लेकिन वहां के चार देशों ने तो एकदम साफ कर दिया है कि वो मिडिल ईस्ट की जंग में बिलकुल नहीं उतरेंगे. स्पेन के प्रधानमंत्री ने यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप को खरी-खरी बातें भी सुना दी हैं. पीएम पेड्रो सांचेज ने ट्रंप की धमकी के जवाब में कहा कि 23 साल पहले अमेरिका ने हमें इराक में विनाशकारी हथियारों के नाम पर युद्ध में घसीटा था, लेकिन वहां कोई हथियार नहीं मिला.
स्पेनिश प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा कि अमेरिका हमें दो बार धोखा नहीं दे सकता. सांचेज ने अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले की आलोचना की है और इसे ‘अनुचित’ और ‘खतरनाक’ बताया है. उन्होंने कहा कि स्पेन युद्ध के खिलाफ है और वह अपनी नीति नहीं बदलेगा, भले ही अमेरिका व्यापार प्रतिबंध लगाए.
ट्रंप ने स्पेन को दी ये धमकी
प्रधानमंत्री सांचेज के इस फैसले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्पेन पर बुरी तरह भड़क गए. उन्होंने जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ हुई व्हाइट हाउस की बैठक में कहा, ‘स्पेन का व्यवहार बहुत खराब रहा है.’ इस दौरान ट्रंप ने अपने ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट को आदेश दिया है कि स्पेन के साथ सभी ट्रेड डील काट दी जाएं.
नाटो में रहने पर करना होगा विचार: रुबियो
वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर नाटो देश केवल अपनी रक्षा के लिए अमेरिका का इस्तेमाल करेंगे और जरूरत पड़ने पर बेस नहीं देंगे तो अमेरिका को इस गठबंधन में रहने पर दोबारा विचार करना होगा.
स्पेन ने क्या किया था?
ईरान पर हमलों में शामिल अमेरिका और इजरायल के विमानों के लिए स्पेन ने अपना हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया. मैड्रिड की ओर से ये कदम यह कहने के बाद उठाया गया है कि अमेरिका देश में संयुक्त रूप में संचालित सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल युद्ध से जुड़े अभियानों के लिए नहीं कर सकता है. स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने कहा, ‘हम ईरान युद्ध से संबंधित कार्रवाइयों के लिए न तो सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति देते हैं और न ही हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे लगता है कि सभी स्पेन का रुख जानते हैं. यह बहुत स्पष्ट है.’ इतना ही नहीं उन्होंने युद्ध को पूरी तरह अवैध और अन्यायपूर्ण बताया. स्पेन के इस फैसले के बाद अब अमेरिका के विमान जो, ब्रिटेन-यूरोप के दूसरे एयरबेसों पर तैनात हैं, अब उन्हें स्पेन को बाईपास करना पड़ेगा.
अमेरिका ने कहां तैनात किए हैं अपने बॉम्बर?
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को अपने खतरनाक B-52 और B-1 बॉम्बर्स के लिए अब इंग्लैंड के फेयरफोर्ड एयर बेस का सहारा लेना पड़ रहा है. स्पेन के इस कदम ने मिडिल ईस्ट में न केवल अमेरिका की सैन्य रणनीति को पेचीदा बना दिया, बल्कि पीएम सांचेज और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच एक नया कूटनीतिक युद्ध भी छेड़ दिया है.