मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क पर बड़ा हवाई हमला किया. इस हमले में सीरिया के रक्षा मंत्रालय को मुख्य निशाना बनाया गया. दक्षिण सीरिया में सक्रिय सीरियाई सेना की यूनिट्स पर भी हमला हुआ. स्थानीय लोगों ने जोरदार धमाकों की आवाज सुनी और धुएं के गुबार देखे.
मामले पर इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर सीरियाई सेना ड्रूज समुदाय पर हमले बंद नहीं करती तो हम उन्हें तबाह कर देंगे. बता दें कि दक्षिण सीरिया के स्वेइदा (Suwayda) शहर में ड्रूज लड़ाकों और सीरियाई सेना के बीच भीषण झड़पें जारी हैं. अब तक सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं. ड्रूज नेता का आरोप है कि सरकार की सेना ड्रूज लोगों की बर्बर हत्या कर रही है. सीरियाई सरकार का दावा है कि हिंसा अपराधी गिरोहों के कारण हो रही है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स इसे संदेह से देख रही हैं.
ड्रूज समुदाय: कौन हैं ये लोग?
ड्रूज समुदाय एक विशेष अल्पसंख्यक समूह है जो, अरब मूल का है, लेकिन इस्लाम या यहूदी धर्म को नहीं मानता. ये लगभग 11वीं सदी में मिस्र में रहते थे. इनके धर्म में हिंदू, बौद्ध और अन्य मान्यताओं का मिश्रण है. सीरिया में लगभग 7 लाख ड्रूज समुदाय के लोग रहते हैं. इजरायल में इनकी संख्या लगभग 1.5 लाख है. लेबनान, जॉर्डन में भी ड्रूज समुदाय के लोगों की बड़ी संख्या है. गोलान हाइट्स में लगभग 29,000 ड्रूज रहते हैं. इजरायल के ड्रूज नागरिक इजरायली सेना में भी सेवा करते हैं.
अमेरिका ने हिंसा की कड़ी निंदा की
अमेरिकी विशेष दूत टॉम बैरक ने कहा कि हम स्वेइदा में नागरिकों के खिलाफ हिंसा की कड़ी निंदा करते हैं. सभी पक्षों को पीछे हटना चाहिए और सार्थक बातचीत में शामिल होना चाहिए. अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो. अपराधियों को जवाबदेह ठहराया जाए. जल्द से जल्द सीजफायर लागू किया जाए.
UNSC में किया जाएगा बैठक का आयोजन
सीरिया पर हुए इजरायली हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने एक आपातकालीन सत्र के लिए गुरुवार (17 जुलाई 2025) को बैठक बुलाई है. अनादोलु समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक का अनुरोध सीरिया के संयुक्त राष्ट्र मिशन ने किया है. इसका समर्थन वर्तमान यूएनएससी सदस्य अल्जीरिया ने किया है. रॉयटर्स के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने UNSC से सीरियाई सरकार की तरफ से सीरियाई धरती पर निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किए गए बर्बर अपराधों की निंदा करने का आह्वान किया है. उन्होंने आगे कहा कि इजरायल अपनी सीमाओं पर कहीं भी और किसी भी समय किसी भी आतंकवादी खतरे के खिलाफ दृढ़ता से कार्रवाई करता रहेगा.
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