Khyber Pakhtunkhwa: ऑपरेशन सिंदूर के बाद PoK की जगह खैबर पख्तूनख्वाह में एक्टिव हुए जिहादी ट्रेनिंग कैंप, आतंकी भर्ती अभियान का पोस्टर, हिजबुल कर रहा कैंप निर्माण


ऑपरेशन सिंदूर में ध्वस्त हुए 9 आतंक के अड्डों के बाद से लगातार पाकिस्तान में मौजूद आतंकी संगठन अपनी रणनीति बदल रहे हैं. इसी कड़ी में अब आतंकियों ने खैबर पख्तूनख्वाह को अपना नया अड्डा बनाया है. बीते रविवार को भारत पाकिस्तान के मैच के शुरू होने के 7 घंटे पहले पाकिस्तान के ख़ैबर पख्तूनख्वाह प्रांत के मनसेहरा जिले के गढ़ी हबीबुल्लाह इलाके में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद ने जमीअत उलेमा इस्लाम के साथ मिलकर आतंकी संगठन में भर्ती के लिए एक मज़्मा लगाया. 

मज़मे में जैश ए मोहम्मद का ख़ैबर पख्तूनख़्वाह और कश्मीर में प्रमुख भारत का वांटेड आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी मौजूद था, जिसने मज़मे में ना सिर्फ़ आतंकी ओसामा बिन लादेन की शान में कसीदे पढ़े बल्कि पाकिस्तानी सेना और सरकार के जैश ए मोहम्मद के संबंधों को भी सार्वजनिक किया. आधे घंटे के अपने भाषण में आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी ने कहा कि ये ख़ैबर पख्तूनख्वाह की ही धरती है, जिसने 11 सालों तक आतंकी ओसामा बिन लादेन को शरण दी. कंधार हाईजैक के बाद आतंकी मसूद अज़हर ने पाकिस्तान वापस आकर बालाकोट को अपना अड्डा बनाया था, ऐसे में जैश ए मोहम्मद ख़ैबर पख्तूनख़्वा का अहसान मानती है.

आतंकियों के जनाजे में शामिल होने पहुंचे थे आर्मी ऑफिसर
अपनी तक़रीर में आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी ने जैश ए मोहम्मद और पाकिस्तानी सेना और सरकार के बीच सांठगांठ को भी सार्वजनिक किया और बयान दिया कि 7 मई को जैश ए मोहम्मद के हेडक्वार्टर मरकज़ सुभानल्लाह पर भारत के हमले में मसूद अज़हर के परिवार के लोग मारे गए थे, जिसके बाद पाकिस्तानी सेना के तत्कालीन प्रमुख आसिम मुनीर ने ऑर्डर जारी किया कि भारत की स्ट्राइक में मारे गए आतंकियों के जनाजे में सेना के कमांडर पहुंचे, एयरफोर्स जनाजे को सुरक्षा देगी. सेना के जवान वर्दी में मरे हुए आतंकियों को सलामी पेश करेंगे. ऐसे में 25 साल की मेहनत के बाद आख़िरकार जैश ने पाकिस्तानी सेना और सरकार को जिहादी बना दिया.

सूत्रों के मुताबिक़ रविवार को जैश ए मोहम्मद और जमीअत उलेमा इस्लाम की साझा कॉन्फ्रेंस जैश के भर्ती अभियान का हिस्सा थी, जिसमें आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी ने जिहादी भाषण देने के साथ-साथ जैश के जिहाद से जुड़ने की अपील की. आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी के आतंकी बायोडाटा की बात करें तो इसका असली नाम अबू मोहम्मद है और ये पाकिस्तान के क़ब्ज़े वाले कश्मीर के रावलकोट का रहने वाला है. 

कौन है मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ अबू मोहम्मद
साल 2001 से मसूद इलियास कश्मीरी उर्फ अबू मोहम्मद आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद से जुड़ा हुआ है साथ ही साल 2006 तक अफ़ग़ानिस्तान में जैश की तरफ़ से नाटो सेना के साथ युद्ध किया फिर 2007 में पाकिस्तान वापस आ कर जैश ए मोहम्मद का रावलकोट जिले का कमांडर बना और जैश के ट्रेनिंग कैम्प मरकज़ शोहदा ए कश्मीर की स्थापना की. इसके बाद साल 2011 में अमेरिकी स्ट्राइक में अलकायदा के ब्रिगेड 313 के प्रमुख इलियास कश्मीरी की मौत के बाद इसने अपना नाम अबू मोहम्मद से बदल कर मसूद इलियास कश्मीरी रख लिया और जैश ए मोहम्मद ने इसे खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में जैश ए मोहम्मद का अमीर यानी प्रमुख बना दिया, जहां इसका काम ख़ैबर पख्तूनख्वा के युवाओं को जिहाद का पाठ पढ़ाकर कश्मीर और अफ़ग़ानिस्तान में आतंकी हमले के लिए जैश ए मोहम्मद की तरफ़ से भेजना था.

इसी महीने 25 सितंबर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख़्वा प्रांत के पेशावर जिले में जैश अपने मरकज़ शहीद मकसूदाबाद में ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकी और मसूद अज़हर के भाई यूसुफ अज़हर की याद में मज़मे और भर्ती अभियान का आयोजन करेगा, जिसका Exclusive पोस्टर एबीपी न्यूज़ के हाथ लगा है इस कार्यक्रम को आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद अपने छद्म नाम अल मुराबितून के नाम से आयोजित करेगा. साथ ही मज़मे में आतंकी मसूद अज़हर के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है.

UNSC का नेतृत्व कर रहा है पाकिस्तान
इस समय पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अध्यक्ष है और 17 अक्टूबर 2001 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश ए मोहम्मद को प्रतिबंधित किया था. साथ ही जैश ए मोहम्मद ख़ुद पाकिस्तान में भी कथित रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन इन आतंकी संगठनों के मज़मों को ना सिर्फ़ पाकिस्तान की पुलिस सुरक्षा दे रही है बल्कि पाकिस्तानी पुलिस के अधिकारी मंच पर भी बैठ रहे हैं. रविवार को मनसेहरा के गढ़ी हबीबुल्लाह इलाके में हुए जैश और जमीअत उलेमा इस्लाम के मज़मे मे पाकिस्तानी पुलिस के अधियाकारी आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के झंडे लिए आतंकियों के आगे आगे चलते नज़र आए, साथ ही गढ़ी हबीबुलाह थाने का इंस्पेक्टर लियाक़त शाह आतंकी मज़मे के मंच पर बैठा हुआ था, जहां ओसामा बिन लादेन की शान में आतंकी मसूद इलियास कश्मीरी कसीदे पढ़ रहा था और लोगों को जिहाद और कत्लेआम के लिए भड़का रहा था.

विदेशी मामलों के विशेषज्ञ रॉबिंदर सचदेव के मुताबिक़ जिस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष के देश में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से घोषित आतंकी संगठन के सड़कों पर पुलिस की प्रोटेक्शन में झंडे लहराये जा रहे है, जिहाद की तक़रीर हो रही है, जैश ए मोहम्मद से जुड़ने की अपील हो रही है उससे ये साफ़ है कि आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद अपना अस्तित्व खो चुकी है. 

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