‘LPG का उत्पादन बढ़ाएं’, रिफाइनरियों को सरकार का आदेश, रेस्तरां-होटल को सप्लाई के लिए बनाई कमेटी


मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और ईंधन सप्लाई में दिक्कतों को देखते हुए सरकार ने LPG गैस को लेकर कुछ बड़े फैसले किए हैं. सरकार ने तेल रिफाइनरियों से कहा है कि LPG का उत्पादन बढ़ाया जाए और जो अतिरिक्त गैस बने उसे सबसे पहले घरों में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडरों के लिए दिया जाए. ताकि आम लोगों को गैस की कमी न हो.

LPG सप्लाई को सरकार की प्राथमिकता

सरकार ने घरेलू LPG सप्लाई को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है. साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए नया नियम लगाया गया है. अब एक सिलेंडर लेने के बाद अगली बुकिंग कम से कम 25 दिन बाद ही की जा सकेगी. वहीं जो इम्पोर्टेड LPG है  उसे फिलहाल हॉस्पिटल और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी संस्थानों को देने पर जोर दिया जा रहा है.

तीन कार्यकारी निदेशोंकी बनाई कमेटी

रेस्तरां, होटल और दूसरी इंडस्ट्री को LPG सप्लाई के मामलों की समीक्षा करने के लिए तेल कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों (ED) की एक कमेटी बनाई गई है, जो तय करेगी कि उन्हें कितनी गैस दी जा सकती है.

एक्स पर पोस्ट कर दी जानकारी

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. पोस्ट में लिखा,  वर्तमान भू-राजनीतिक व्यवधानों और ईंधन आपूर्ति पर एलपीजी की कमी को देखते हुए, मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का अधिक उत्पादन करने और अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू उपयोग के लिए इस्तेमाल करने के आदेश जारी किए हैं.

LPG सिलेंडर पर सरकार का क्या कहना?

सरकार ने साफ कहा है कि रेस्तरां उद्योग को कमर्शियल LPG सिलेंडर देने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है, लेकिन ज़मीन पर हालात अलग दिखाई दे रहे हैं. कई गैस सप्लायर कमर्शियल सिलेंडर देने में असमर्थता जता रहे हैं जिससे रेस्तरां और होटल कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

मंत्रालय ने घरों में एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की इंटर-बुकिंग अवधि शुरू की है. आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू आपूर्ति को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है. अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों को एलपीजी की आपूर्ति के लिए, रेस्तरां/होटल/अन्य उद्योगों को एलपीजी आपूर्ति के लिए प्राप्त अभ्यावेदनों की समीक्षा करने हेतु ओएमसी के तीन कार्यकारी अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है.

 

 

 

 





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