ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है. ईरान की शक्तिशाली संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने मोजतबा के नाम को मंजूरी दे दी है. यह जानकारी ईरान इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से दी है.
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई के चयन में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बड़ा प्रभाव रहा. कहा जा रहा है कि IRGC के दबाव में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने यह फैसला लिया. मोजतबा के पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत उस समय हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने तेहरान पर संयुक्त हमला किया. यह हमला शनिवार को हुआ था और उसी दिन खामेनेई की मौत की खबर सामने आई थी.
मोजतबा खामेनेई का बयान
सुप्रीम लीडर चुने जाने के बाद मोजतबा खामेनेई ने बयान दिया है. अल्लाह के नाम पर ईरान के बहादुर लोगों को सलाम है, जो कठिन समय में भी मजबूत हैं. हम अपने शहीदों के रास्ते पर चलेंगे और उनका सम्मान करेंगे. इसके अलावा हम स्वतंत्रता और गरिमा के लिए काम करने का वादा करते हैं. ईरान की इस्लामिक क्रांति के बाद यह दूसरी बार है, जब असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने नया सुप्रीम लीडर चुना है. इससे पहले 1989 में अयातुल्ला अली खामेनेई को सुप्रीम लीडर बनाया गया था. यानी करीब 47 साल बाद ईरान में नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की स्थिति बनी है.
मोजतबा खामेनेई का जन्म कब हुआ था?
मोजतबा खामेनेई का जन्म 1969 में ईरान में हुआ था. वे अयातुल्ला अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं. उनका परिवार ईरान की धार्मिक और राजनीतिक व्यवस्था में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है. उनके पिता 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर रहे, जो देश का सबसे शक्तिशाली पद माना जाता है. इस वजह से मोजतबा खामेनेई का नाम भी अक्सर ईरान की सत्ता और राजनीति से जुड़कर सामने आता रहा है.
धार्मिक शिक्षा और पृष्ठभूमि
मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पिता की तरह धार्मिक शिक्षा प्राप्त की. उन्होंने ईरान के कोम शहर में इस्लामी पढ़ाई की है, जो शिया धर्म की पढ़ाई का प्रमुख केंद्र माना जाता है. धार्मिक शिक्षा के कारण उनका संबंध कई प्रमुख धार्मिक विद्वानों और संस्थाओं से भी जुड़ा रहा है.