Nepal News: तंबू में हुई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई, सामने आई PHOTO; Gen-Z प्रदर्शन के बाद कैसी हो गई नेपाल की हालत?


Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ सड़कों पर उतरे Gen-Z प्रदर्शनकारियों ने किस तरह सरकारी इमारतों को फूंका, मंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों के घरों पर धावा बोला, उसे पूरी दुनिया ने देखा. हालांकि राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल, बालेन शाह और आर्मी चीफ की अपील पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और फिर फाइनली सुशीला कार्की को नेपाल का अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है. इस बीच एक ऐसी फोटो सामने आई है, जिसकी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हो रही है. 

नेपाल में कर्फ्यू हटने के बाद जब रविवार को सरकारी दफ्तर और अदालतें खुलीं तो लोगों की लंबी-लंबी कतारें हर दफ्तर में देखने को मिलीं. काठमांडू में सुप्रीम कोर्ट भी खुला और वहां अस्थायी तंबू में सुनवाई हुई. इसके तंबू पर लिखा था- Supreme Court Nepal. नेपाल की वेबसाइट Khabarhub ने इसकी कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं, जिन्हें देखकर हर कोई हैरान रह गया. कोर्ट का स्टाफ तंबू में सामान्य तरीके से काम कर रहा था और लंबी-लंबी लाइन लगी हुई दिखाई दे रही थी. 

कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को दीं तारीखें 

खबरहब की रिपोर्ट में बताया गाय है कि सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को आगे की तारीखें दीं. दरअसल मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है, इसलिए सुनवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है. एक दिक्कत ये भी है कि कोर्ट के अहम दस्तावेज आगजनी की घटनाओं में जल भी चुके हैं या फिर उपद्रव में खो गए हैं. नेपाल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजय प्रसाद मिश्रा ने कहा कि इन हालात में अदालत पूरी तरह काम तो नहीं शुरू कर सकती, लेकिन इसे धीरे-धीरे पटरी पर लाया जा रहा है.

प्रदर्शनकारियों ने फूंक दी थी सुप्रीम कोर्ट की बिल्डिंग 

नेपाल में 8 सितंबर को सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन कब हिंसक हो गया पता ही नहीं चला. प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट, संसद भवन, राष्ट्रपति कार्यालय समेत कई सरकारी दफ्तरों को आग के हवाले कर दिया. इतना ही नहीं उन्होंने डिप्टी पीएम और वित्त मंत्री को सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के घर पर हमला कर दिया. पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनाल की पत्नी को घर के अंदर बंद कर आग लगा दी, जिसमें उनकी मौत हो गई. हिंसा इतनी बढ़ गई कि कई मंत्रियों ने काठमांडू से भागकर शांत इलाकों में शरण ली. प्रदर्शनकारियों का गुस्सा देखते हुए प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद अब अंतरिम सरकार का गठन किया गया है. 

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