PAK के साथ डिफेंस डील में ट्रंप का भारत के लिए संदेश? F-16 हथियारों की ताकत बढ़ाएगा अमेरिका, 2040 के लिए अरबों का समझौता


अमेरिका ने पाकिस्तान के फाइटर जेट F-16 को अपग्रेड करने के लिए 686 मिलियन डॉलर यानी 5,800 करोड़ रुपये की आधुनिक तकनीक और सहायता बेचेने के लिए मंजूरी दे दी है. अमेरिका की रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (DSCA) ने अमेरिकी संसद कांग्रेस को इस बारे में पत्र भेजा है. अमेरिकी कांग्रेस के पास इस प्रस्तावित बिक्री की समीक्षा करने के लिए 30 दिन हैं. हालांकि, ट्रंप प्रशासन के इस कदम ने वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है. साथ ही भारत की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पत्र में यह भी कहा गया कि इस डील का क्षेत्र के सैन्य संतुलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार इस पैकेज में Link-16 डाटा लिंक सिस्टम, क्रिप्टोग्रेफिक इक्वीपमेंट (सीक्रेट कोड), एवियोनिक्स अपडेट्स (विमान के इलेक्टॉनिक सिस्टम), पायलट ट्रेनिंग और लॉजिकल सपोर्ट शामिल हैं. इस पैकेज से विमानों की उम्र 15 साल और बढ़ जाएगी यानी 2040 तक हथियारों की उम्र बढ़ जाएगी.

डीएससीए ने हाउस स्पीकर माइक जॉनसन, सीनेट विदेश संबंध समिति के चेयरमैन जेम्स रिश और हाउस विदेश मामलों की समिति के चेयरमैन ब्रायन मास्ट को इस संबंध में सूचना दी है. एजेंसी ने पत्रों में कहा कि अमेरिकी वायुसेना पाकिस्तान को लगभग 686 मिलियन डॉलर की ‘रक्षा सामग्री और सेवाओं के लिए लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस (LOA) जारी करने वाली है, जिसकी अनुमानित लागत 686 मिलियन डॉलर है.

डीएससीए के पत्र में साफ कहा गया है कि यह डील अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को सपोर्ट करेगी. इससे आतंकवाद विरोधी अभियानों में पाकिस्तान अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं के साथ मिलकर काम करना जारी रख पाएगा.

इस पैकेज में 37 मिलियन डॉलर के प्रमुख रक्षा उपकरण (MDA) और 649 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर और लॉजिस्टिकल सपोर्ट शामिल हैं. एमडीए लिस्ट में 92 लिंक-16 टेक्निकल डेटा लिंक सिस्टम भी शामिल हैं. यह एक जैम-प्रतिरोधी डिजिटल नेटवर्क है, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं वास्तविक समय में युद्धक्षेत्र की जानकारी शेयर करने के लिए करती हैं. छह एमके-82 इनर्ट के अलावा 500-पाउंड बम बॉडी भी शामिल हैं, जो बिना गाइड वाले और कम ड्रैग वाले प्रशिक्षण हथियार हैं. इनका इस्तेमाल विशेष रूप से इंटीग्रेशन और रिलीज परीक्षण के लिए किया जाता है.

नोटिफिकेशन के अनुसार, इस डील में कई तरह की गैर-एमडीए वस्तुएं भी शामिल हैं, जिनमें एवियोनिक्स अपडेट, ऑपरेशनल फ्लाइट प्रोग्राम संशोधन, सुरक्षित संचार प्रणाली, आइडेंटिफिकेशन फ्रेंड या फो इक्विपमेंट, क्रिप्टोग्राफिक एप्लीक, मिशन-प्लानिंग सिस्टम, परीक्षण उपकरण, स्पेयर पार्ट्स, ट्रेनिंग डिवाइस, सिमुलेटर, पब्लिकेशन और कॉन्ट्रैक्टर इंजीनियरिंग और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट शामिल हैं.

प्रशासन ने कहा कि ये अपग्रेड पाकिस्तान को अपने ब्लॉक-52 और मिड-लाइफ अपग्रेड एफ-16 बेड़े को आधुनिक बनाने और अमेरिकी और साझेदार सेनाओं के साथ अनुकूलता सुनिश्चित करने में मदद करेंगे. भारत की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को ध्यान में रखते हुए नोटिफिकेशन में यह भी साफ किया गया कि ये बिक्री क्षेत्र में मूल सैन्य संतुलन को नहीं बदलेगी.

 

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