Pakistan Military Exports: भारत से पिटने के बाद भी फायदे में पाकिस्तान! ‘JF-17 के आ रहे ऑर्डर’, ख्वाजा आसिफ ने दिया बवाल मचाने वाला बयान


ऑपरेशन सिंदूर में भारत के हाथों करारी शिकस्त झेलने के बावजूद पाकिस्तान अब इस सैन्य टकराव को अपने लिए फायदे का सौदा बताने में जुटा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने दावा किया है कि भारत के साथ पिछले साल हुए चार दिनों के सैन्य संघर्ष के बाद पाकिस्तान को मिलिट्री एयरक्राफ्ट के निर्यात ऑर्डर में बढ़ोतरी देखने को मिली है.

आसिफ का कहना है कि अगर ये ऑर्डर समय पर पूरे हो जाते हैं तो इससे कंगाल पाकिस्तान की IMF पर निर्भरता खत्म हो सकती है. यह बयान ऐसे समय आया है जब बांग्लादेश का एक उच्च-स्तरीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू से मुलाकात कर चुका है.

बांग्लादेश को JF-17 फाइटर जेट बेचने की तैयारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में JF-17 थंडर फाइटर जेट की संभावित बिक्री पर चर्चा हुई. बता दें कि JF-17 चीन और पाकिस्तान का संयुक्त प्रोजेक्ट है. ये कम कीमत वाला मल्टी-रोल फाइटर जेट है, जो बीते एक दशक से पाकिस्तानी वायुसेना में तैनात है. पाकिस्तान इसे उन देशों के लिए विकल्प के तौर पर पेश करता है, जो पश्चिमी देशों से हथियार खरीदने में असमर्थ हैं या जिन पर प्रतिबंध हैं.

भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा बना बिक्री का हथियार

JF-17 पिछले साल मई 2025 में भारत-पाक संघर्ष के दौरान सुर्खियों में आया था. पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने भारत के 6 लड़ाकू विमानों को मार गिराया. इनमें फ्रांस निर्मित राफेल भी शामिल थे. हालांकि भारत ने इन दावों की पोल खोल डाली. इसके बावजूद पाकिस्तान ने इसे सफलता बताते हुए JF-17 की मार्केटिंग तेज कर दी. पाकिस्तानी सैन्य प्रतिनिधिमंडल कई देशों में जाकर यह संदेश देने की कोशिश करता रहा कि चीनी सैन्य तकनीक पश्चिमी हथियारों से ज्यादा प्रभावी है.

IMF से छुटकारे का दावा, लेकिन हकीकत क्या?

ख्वाजा आसिफ ने जियो न्यूज से बातचीत में कहा, ‘हमें जो ऑर्डर मिल रहे हैं, वे बहुत अहम हैं. हमारे एयरक्राफ्ट का टेस्ट हो चुका है. अगर छह महीने में ये सभी ऑर्डर पूरे हो जाते हैं तो शायद हमें IMF की जरूरत ही न पड़े.’ हालांकि, ख्वाजा आसिफ का IMF से जुड़ा बयान खोखला लगता है क्योंकि  फाइटर जेट की डील लंबी और जटिल प्रक्रिया होती है. भुगतान कई सालों में होता है. इससे तुरंत IMF निर्भरता खत्म होना लगभग असंभव है

ऑपरेशन सिंदूर ने खोली चीनी हथियारों की पोल

जहां पाकिस्तान JF-17 की सफलता का ढोल पीट रहा है, वहीं ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीनी हथियारों की असलियत सामने आ चुकी है. भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर 11 एयरबेस पर सटीक हमले किए. इसमें चकलाला, मुरीद, रफीकी जैसे अहम बेस को नुकसान पहुंचाया. कई ठिकानों पर नुकसान की पुष्टि हुई. इससे यह स्पष्ट हो गया कि पाकिस्तानी एयर डिफेंस और चीनी सिस्टम भारत के सामने टिक नहीं पाए.

ये भी पढ़ें: China On Venezuela: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद चीन भयंकर परेशान! क्या है सैटेलाइट, तेल और टेक्नोलॉजी का कनेक्शन



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *