PM मोदी के नए ऑफिस का पता क्या? जानें किन दो मुहूर्तों में होगी शिफ्टिंग, घर का एड्रेस भी बदलेगा


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यालय (PMO) अब 78 साल पुराने साउथ ब्लॉक से हटकर नए आधुनिक परिसर में शिफ्ट होने जा रहा है. यह बदलाव सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है. नए परिसर का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखा गया है, जो सेवा की भावना को दर्शाता है. आजादी के बाद से PMO साउथ ब्लॉक में स्थित था. यहां विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय भी थे. लेकिन अब बड़ा बदलाव होने जा रहा है.

नए सेवा तीर्थ में कौन से ऑफिस होंगे?

नया परिसर सेवा तीर्थ कॉम्प्लेक्स है, जो रायसीना हिल के नीचे विजय चौक के पास दारा शिकोह रोड पर स्थित है. यह परिसर अत्याधुनिक है, जिसमें ओपन फ्लोर स्पेस, आधुनिक मीटिंग रूम, भारतीय संस्कृति से जुड़े एलिमेंट्स, विशेष कैबिनेट मीटिंग रूम और बेहतर सुविधाएं हैं. इससे काम में सहयोग और तेजी आएगी. इसमें तीन हाई-टेक इमारतें हैं- 

  • सेवा तीर्थ- 1: यहां प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) होगा.
  • सेवा तीर्थ- 2: यहां कैबिनेट सचिवालय होगा, जो पहले ही शिफ्ट हो चुका है.
  • सेवा तीर्थ- 3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कार्यालय यहां होगा.

नए ऑफिस में PMO की शिफ्टिंग कब होगी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, PMO की शिफ्टिंग के लिए दो मुहूर्त निकाले हैं. पहला 14 जनवरी 2026 को, यानी मकर संक्रांति के दिन. दूसरा 19 जनवरी से 27 जनवरी के बीच, यानी गुप्त नवरात्रि तक. हालांकि, तब तक फिनिशिंग का काम पूरा नहीं हुआ, तो फरवरी में भी शिफ्टिंग हो सकती है.

निर्माण के दौरान PMO का नाम एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव रखा गया था, लेकिन बाद में इसे ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया गया.

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट क्या है?

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की घोषणा सितंबर 2019 में हुई थी. 10 दिसंबर, 2020 को PM मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी. सरकार ने पूरे प्रोजेक्ट के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का बजट रखा है. कर्तव्य पथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं.  

इस प्रोजेक्ट के तहत राष्ट्रपति भवन से लेकर इंडिया गेट तक कई इमारतों का री डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शामिल है. इसमें नया संसद भवन, मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय, प्रधानमंत्री आवास, उप-राष्ट्रपति आवास का निर्माण किया जाएगा है.नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति एनक्लेव पहले ही तैयार हो चुके हैं.

दोनों ब्लॉक्स में बनेगा राष्ट्रीय संग्रहालय

इसके तहत सभी मंत्रालयों के लिए कर्तव्य पथ पर 10 ऑफिस बिल्डिंग और एक कन्वेंशन सेंटर समेत CCS बनेगा, जिसमें से तीन बिल्डिंग लगभग बन चुकी हैं. सभी ऑफिस शिफ्ट होने के बाद दोनों ब्लॉकों को ‘युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में बदल दिया जाएगा.



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