PM मोदी ने निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन के स्टेशन का किया दौरा, कर्मचारियों से बोले- देश को नया देने की भावना से करें काम



गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूरत में अंडर कंस्ट्रक्शन बुलेट ट्रेन स्टेशन का दौरा किया. उन्होंने इस दौरान मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की समीक्षा की. इस दौरान पीएम मोदी बुलेट ट्रेन स्टेशन निर्माण में लगे कर्मचारियों से भी मिले.

कर्मचारियों ने कहा कि बुलेट ट्रेन हमारी पहचान है. यह उपलब्धि हमारी, आपकी और मोदी जी की है. पीएम मोदी ने इस दौरान कर्मचारियों से काम आ रही दिक्कतों या समय के हिसाब से निर्माण कार्य चल रहा है या नहीं, इसको लेकर सवाल किए.  

पढ़ें, प्रधानमंत्री और कर्मचारियों के बीच की बातचीत

पीएम मोदी ने कर्मचारियों से पूछा, आपको क्या लगता है? क्या निर्माण की स्पीड ठीक है? क्या आप डेडलाइन के तहत काम कर रहे हैं, या कोई दिक्कत आ रही है? इस पर कर्मचारी ने कहा कि नहीं सर किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. 

एक अन्य कर्मचारी से मिलते हुए पीएम मोदी ने पूछा कि आप भी कुछ कहना चाहते हैं. तो अन्य कर्मचारी ने बताया कि मैं केरल से हूं. नवसारी के नॉइज बैरियर (Noise Barrier) कारखाने में सेक्शन-2 में काम करता हूं. इस पर पीएम ने सवाल किया कि आप पहली बार गुजरात आए हैं? इस पर कर्मचारी ने जवाब दिया कि जी हां, मैं यहां नॉइज बैरियर (Noise Barrier) कारखाने में सेक्शन-2 में काम कर रहा हूं और रोबोटिक निरीक्षण कर रहा हूं. जहां ये सरिया के पिंजरा लगा है, उस जगह पर रोबोट की मदद से वेल्डिंग की जा रही है. 

इसके अलावा उन्होंने कर्मचारियों से बात करते हुए पूछा कि भारत में पहली बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने को लेकर आपकी क्या राय है? आप व्यक्तिगत रूप से क्या सोचते हैं? आप इसको लेकर अपने परिवार को क्या जानकारी देते हो?

इस पर कर्मचारी ने कहा, सर यह एक सपने जैसा लगता है. मैं अभी जो काम कर रहा हूं, वह भविष्य में बहुत काम आएगा. यह मेरे परिवार और मेरे लिए गर्व का क्षण है. 

‘मैं देश को कुछ नया दे रहा हूं’, इस भावना से करना होगा काम

इसके बाद पीएम मोदी ने उन्हें समझाइश देते हुए, देश के प्रति समर्पित होने के लिए प्रेरित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जबतक आप भीतर से महसूस नहीं करेंगे कि मैं अपने देश के लिए काम कर रहा हूं, मैं देश को कुछ नया दे रहा हूं, तबतक आपके काम का उतना महत्व नहीं होगा. जिस व्यक्ति ने पहली बार अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजी होगी, उसे भी ऐसा ही लगा होगा. आज अंतरिक्ष में सैंकड़ों सैटेलाइट भेजे जा रहे हैं. 

इधर, बैंगलोर से आई एक इंजीनियर मैनेजर ने भी पीएम मोदी से बात की. उन्होंने कहा, कि नमस्ते सर मेरा नाम श्रुति है. मैं बेंगलुरु से हूं. लीड इंजीनियरिंग मैनेजर हूं. मैं डिजाइन और इंजीनियिरिंग कंट्रोल का काम देखती हूं. जैसा कि आपने कहा कि शुरुआती दौर में चीजों को प्लान किया जाता है. इसके बाद उस काम को किया जाता है. वही हमने शुरुआती चरणों में किया है. जैसे-जैसे हम इस काम में आगे बढ़ते हैं, हमें उसके फायदे और नुकसान का पता चलता है. अगर कोई चीज काम नहीं कर रही है, तो हम पूछते हैं. यह काम क्यों नहीं कर रही है? सबसे पहले हम उसका समाधान ढूंढने की कोशिश करते हैं. अगर हम उसे हल नहीं कर पाते तो वैकल्पिक रास्तों को तलाशते हैं. इसी तरह हम कदम दर कदम आगे बढ़ते हैं. 

पीएम मोदी कर्मचारियों से बात करने के बाद बोले- वाह

इस पर पीएम मोदी ने कहा कि अगर आपके अनुभवों को दर्ज किया जाए, और एक तरह की ब्लू बुक तैयार की जाए तो देश को और ज्यादा बुलेट ट्रेन बनाने में मदद मिलेगी. हम नहीं चाहेंगे कि हर कोई यह काम शुरुआत से करे. यहां से मिली सीख दूसरी जगह पर नहीं दोहराई जाना चाहिए. लेकिन नकल तभी संभव है, जब किसी खास तरीके का इस्तेमाल करने का कारण पता हो. वरना लोग बिना समझे ही नकल कर लेंगे. अगर आप रिकॉर्ड रखेंगे तो इससे भविष्य में छात्रों को काफी मदद मिलेगी. 

इसके बाद कर्मचारी ने कहा कि हमें न शोहरत चाहिए और न ईनाम. हम तो बस देश की तरक्की चाहते हैं. यही हमारी कामना है. इस प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए वाह कर दिया.  

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से जुड़े फैक्ट्स

मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) लगभग 508 किलोमीटर लंबा है. इसमें 352 किलोमीटर गुजरात और दादरा और नगर हवेली में और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में शामिल है. यह कॉरिडोर साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई सहित प्रमुख शहरों को जोड़ेगा.  जो रूट तैयार किया गया है, उसका 85% पुल पर निर्माण किया गया है. अबतक 326 किलोमीटर पुलों का काम पूरा हो चुका है. 25 में से 17 पुलों का निर्माण पहले ही हो चुका है. 

मुंबई से 2 घंटे में पहुंचेंगे अहमदाबाद

बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा के समय को दो घंटे कम कर देगी. इससे व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. सूरत-बिलिमोरा खंड का हिस्सा जो 47 किलोमीटर लंबा है, उसका निर्माण भी अंतिम चरण में है. जहां ट्रैक बिछाने का काम भी पूरा हो चुका है. सूरत स्टेशन का डिजाइन शहर के प्रसिद्ध हीरा उद्योग से प्रेरित है. यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन किया गया है.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *