Trump Tariff: ‘अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद नहीं किया तो…’, डोनाल्ड ट्रंप ने फिर दी और टैरिफ लगाने की धमकी



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अगर भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा तो उसे भारी आयात शुल्क (Import Tariffs) चुकाना पड़ेगा. ट्रंप ने यह बयान अपने प्लेन एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया. उन्होंने कहा, ‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी. उन्होंने कहा कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उन्हें भारी टैरिफ देना होगा.’

ट्रंप प्रशासन का मानना है कि रूस से तेल खरीदने वाले देश यूक्रेन युद्ध को अप्रत्यक्ष रूप से वित्तीय सहायता दे रहे हैं, इसीलिए अमेरिका लगातार उन देशों पर दबाव बना रहा है जो रूस से ऊर्जा खरीद रहे हैं. बीते महीनों में अमेरिका ने भारत समेत कई देशों से आग्रह किया था कि वे रूसी तेल आयात में कमी या रोक लगाएं.

ट्रंप के दावे को खारिज कर चुका है भारत

ट्रंप ने पहले भी दावा कर चुके हैं कि पीएम मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा. हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से ट्रंप के दावे को खारिज किया जा चुका है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि भारत की ऊर्जा नीति का उद्देश्य अपने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि भारत एक जिम्मेदार एनर्जी इम्पोर्टर है. हम अपने फैसले स्वतंत्र रूप से लेते हैं ताकि कीमतें स्थिर रहें और आपूर्ति में विविधता बनी रहे.  भारत ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता आर्थिक संतुलन और घरेलू जरूरतों को पूरा करना है न कि किसी राजनीतिक दबाव में आना.

ट्रंप के टैरिफ से भारत पर पड़ा असर

ट्रंप प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में ही भारत के कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था. इसमें कपड़े, दवाइयां और कृषि उत्पाद शामिल हैं. भारतीय उद्योग संगठनों का कहना है कि इस नीति से निर्यात पर नकारात्मक असर पड़ा है. अगर रूसी तेल के मुद्दे पर भी नया टैरिफ लगाया गया तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खटास आ सकती है.

मोदी-ट्रंप बातचीत पर विवाद

ट्रंप ने अपने बयान में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे रूसी तेल न खरीदने का वादा किया था. हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी बातचीत का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है, जब पत्रकारों ने इस पर सवाल उठाया तो ट्रंप ने कहा किअगर वे ऐसा नहीं मानते तो उन्हें भारी टैरिफ देना होगा. 

भारत की ऊर्जा रणनीति 

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है. नई दिल्ली का कहना है कि उसका लक्ष्य सस्ती, स्थायी और विविध ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना है. भारत फिलहाल सऊदी अरब,अमेरिका,रूस और संयुक्त अरब अमीरात से तेल खरीदता है. इस बीच ऊर्जा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि रूस से मिलने वाला तेल आर्थिक रूप से सबसे सस्ता सौदा साबित हो रहा है, इसलिए भारत इसे अपनी ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा मानता है.

ये भी पढ़ें: Trump On Zelensky: ‘अगर पुतिन चाहें तो यूक्रेन को बर्बाद कर देंगे’, व्हाइट हाउस में जेलेंस्की पर भड़के ट्रंप; फिर हुई तीखी बहस



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *