मिडिल ईस्ट की जंग जो अभी तक मिसाइल और ड्रोन के जरिए लड़ी जा रही थी वो अब जमीनी कार्रवाई में बदलता दिखाई दे रहा है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उस पर हमला करेगा तो तेहरान यूएई और कतर का नक्शा बदल देगा. ईरान ने कई खाड़ी देशों पर ग्राउंड अटैक करने की वार्निंग दी है. ईरान के सशस्त्र बलों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने जमीन पर हमला किया तो वे संयुक्त अरब अमीरात, कतरह और बहरीन के तटों पर कब्जा करने के लिए तैयार हैं और क्षेत्र के भूगोल को फिर से बदल देंगे.
ईरान ने अपने बॉर्डर की सुरक्षा बढ़ाई
ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल मोहम्मद बाकेरी ने कहा कि ईरान की सेना क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है. अमेरिका के ग्राउंड अटैक को लेकर ईरान ने अपने बॉर्डर की सुरक्षा कड़ी कर दी है. ईरान के कुल लैंड बॉर्डर की लंबाई करीब 5900 किलोमीटर है. समंदर से सटी तटीय सीमा की लंबाई 2700 किलोमीटर है. कई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान से सटे अजरबैजान में इजरायली सैनिक इकट्ठा हो रहे हैं.
खाड़ी देशों ने ईरान से की क्षतिपूर्ति की मांग
खाड़ी देशों के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) को बताया है कि उनके देशों पर ईरानी हमले देश की संप्रभुता का घोर उल्लंघन हैं. उन्होंने ईरान से पूर्ण क्षतिपूर्ति की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र में सऊदी अरब के प्रतिनिधि अब्दुलमोहसेन माजेद बिन खोथैला ने बुधवार (25 मार्च 2026) को जिनेवा में एक आपातकालीन बैठक के दौरान ईरान के हमलों की निंदा करते हुए कहा कि खाड़ी सहयोग परिषद (JCC) के सदस्य देशों पर हमले किए जा रहे हैं, जबकि वे इस जंग में शामिल नहीं हैं.
संयुक्त राष्ट्र में कतर की प्रतिनिधि ने कहा कि ईरान के हमलों के गंभीर परिणाम हुए हैं, जो न केवल दुनिया में शांति और सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि मानवाधिकारों को भी प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘ये हमले हमारे लिए बहुत चिंता का विषय हैं और हम अब चुप नहीं रह सकते.’