US Iran Peace Talks in Pakistan: अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शांति वार्ता होगी. इससे ठीक पहले ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दे डाली है. ईरान ने कहा है कि वे दुश्मनों को दोबारा हथियार उठाने का मौका नहीं देंगे. उसने कहा है कि दस्तावेजों पर तब तक हस्ताक्षर नहीं होंगे, जब तक सीजफायर की गारंटी न मिल जाए. अहम बात यह भी है कि ईरान के उपविदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने बताया है कि बातचीत सिर्फ 10 पॉइंट्स पर ही आधारित होगी.
‘प्रेस टीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक तख्त-रवांची ने कहा, ‘ईरान ऐसा सीजफायर नहीं चाहता जो दुश्मन को फिर से हथियार जुटाने और फिर से हमला करने का मौका दे दे. ईरान इस बात पर जोर देता है कि किसी भी समझौते के बाद दोबारा अटैक न हो और इसकी गारंटी मिलनी चाहिए. ईरान के दस पॉइंट्स वाले प्रस्ताव को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार कर लिया गया है. ईरान कूटनीति और बातचीत का समर्थन करता है, लेकिन गलत सूचनाओं पर आधारित वार्ता या किसी भी ऐसी प्रक्रिया को अस्वीकार करता है.’
ईरान ने उठाया लेबनान का मुद्दा
अमेरिका और ईरान के बीच करीब 40 दिनों के बाद सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन लेबनान के हालात अभी भी ठीक नहीं है. इजरायल उस पर कई बार हमले कर चुका है. ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान को लेकर भी शर्त रखी है. उसका कहना है कि लेबनान को भी सीजफायर डील में शामिल किया जाना चाहिए.
शांति वार्ता से पहले अमेरिका ने इस्लामाबाद क्या-क्या भेजा
अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने से पहले अमेरिकी वायुसेना के गुरुवार (9 अप्रैल) से लेकर अब तक 5 विमान रावलपिंडी के नूरखान एयरबेस पर लैंड हो चुके हैं. दो विमानों में अमेरिकी सीक्रेट सर्विसेज के अधिकारी और जेडी वेंस के सुरक्षा अधिकारी पहुंचे थे. वहीं बाकी तीन विमानों में जेडी वेंस और सुरक्षा अधिकारियों के काफिले की 10 शेवरलेट सबअर्बन SUV गाड़ियां, तीन हेलीकॉप्टर, जैमिंग इक्विपमेंट्स और अन्य सुरक्षा उपकरण पहुंचे हैं.
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