US Iran Peace Talks In Islamabad: ईरान की जेल में बंद अमेरिकी नागरिक कौन, जिन्हें छुड़ाने के लिए जेडी वेंस कर सकते हैं पैरवी


Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • बातचीत मुश्किल होने पर कैदियों की रिहाई का मुद्दा स्थगित हो सकता है।

पाकिस्तान की मेजबानी में अमेरिका और ईरान मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को खत्म करने और शांति पूर्ण शांति स्थापित करने के लिए इस्लामाबाद में बातचीत कर रहे हैं. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल आज शनिवार (11 अप्रैल, 2026) को ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने के लिए पहुंचा. दोनों पक्षों ने बातचीत की शुरुआत में अपनी-अपनी शर्तों और मांगों का जिक्र किया. यह भी कहा जा रहा है अमेरिका इस बातचीत के दौरान ईरान में हिरासत में रखे गए अमेरिकियों को छोड़ने के मुद्दे को उठाने की योजना बना रहा है.

द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन तेहरान पर दबाव डालेगा कि वह कम से कम उन छह अमेरिकी नागरिकों को रिहा करे, जिन्हें माना जाता है कि उन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया है. इनमें जौहरी कमरान हेकमती और पत्रकार रेजा वलीजादेह शामिल हैं. हालांकि, व्हाइट हाउस ने इस मांग के बारे में किसी जानकारी की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है.

US नागरिकों की हिरासत पर विदेश विभाग ने क्या कहा?

अमेरिका के विदेश विभाग ने कहा, ‘ईरान का अमेरिकी नागरिकों को अनुचित रूप से हिरासत में रखने का एक लंबा और शर्मनाक इतिहास रहा है. हालांकि, हम हिरासत में रखे गए लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ज्यादा जानकारी साझा नहीं कर सकते हैं.’ वहीं, व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने भी इस मुद्दे पर सीधे टिप्पणी करने से बचते हुए कहा, ‘अभी बातचीत जारी है और अमेरिका प्रेस के माध्यम से बातचीत नहीं करेगा.’

हिरासत में लिए गए लोगों के मुद्दे पर वार्ता तय नहीं

रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना से जुड़े लोगों ने बताया कि अगर शुरुआती चरण में बातचीत मुश्किल हो जाती है, तो हिरासत में लिए गए लोगों के मुद्दे को किनारे भी रखा जा सकता है. वहीं, ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उसके यूरेनियम भंडार और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है.

हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों के समर्थन करने वालों को यह उम्मीद है कि ईरान सद्भावना के तौर पर कुछ विदेशी कैदियों को रिहा कर सकता है, जैसा कि उसने पिछले कूटनीतिक वार्ताओं में किया है.

यह भी पढ़ेंः केंद्र सरकार ने डीजल और ATF पर बढ़ाई एक्सपोर्ट ड्यूटी, तेल कंपनियों की बढ़ी टेंशन



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *