US Iran War Peace Talks: मिडिल ईस्ट में एक महीने से ज्यादा समय तक चले युद्ध के बाद अमेरिका-इजरायल और ईरान पाकिस्तान की मेजबानी में युद्ध खत्म करने और शांति स्थापित करने के लिए इस्लामाबाद में बैठक कर रहे हैं. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान ने दबाव बनाने के लिए शेखी बघार रहे हैं. दरअसल, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका के तेल और गैस भंडार को लेकर शेखी बघारते हुए दावा किया है कि उसके पास अगले दो सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों की संयुक्त तेल अर्थव्यवस्थाओं से भी ज्यादा तेल है.
वहीं, ईरान से बातचीत से पहले भी ट्रंप ने कहा था कि अब तक के सबसे खतरनाक हथियार जहाजों पर लोड हो रहे हैं, अब वे तेल के जरिए होर्मुज पर निशाना साध रहे हैं.
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर किया पोस्ट
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा, ‘दुनिया भर के सबसे बड़े तेल टैंकरों में से कुछ पूरी तरह से खाली टैंकर इस समय अमेरिका की तरफ जा रहे हैं, ताकि सबसे बेहतरीन और सबसे स्वादिष्ट तेल और गैस से भरे जा सकें.’ उन्होंने कहा, ‘हमारे पास अगले दो सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों के संयुक्त तेल भंडार से भी ज्यादा तेल है और वो भी काफी अच्छा गुणवत्ता वाला. हम आपका इंतजार कर रहे हैं.’
पाकिस्तान में बातचीत के लिए पहुंचा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है जब उपराष्ट्रपति जेडी वैंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में ईरान के साथ युद्धविराम और शांति स्थापित करने को लेकर बातचीत करने गया है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल में मध्य पूर्व के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी शामिल हैं.
हमारे पास तेल और गैस की कोई कमी नहीं- ट्रंप
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईरान को एक नाकाम देश करार दिया है. दरअसल, एक पत्रकार ने ट्रंप से पूछा कि क्या ईरान के साथ बातचीत आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है? इस पर ट्रंप ने जवाब दिया- हां.
ट्रंप ने कहा, ‘जरा दुनिया के विशाल समुद्रों पर नजर डालिए, उनमें से कई जहाज तेल भरवाने के लिए अमेरिका की ओर आ रहे हैं, क्योंकि हमारे पास इसकी कोई कमी नहीं है. ऐसा इसलिए नहीं है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोल रहा है, क्योंकि यह बहुत जल्द ही खुल जाएगा. ईरान एक नाकाम देश है, लेकिन मुझे लगता है कि लोग देख रहे हैं कि स्ट्रेट से गुजरने के और भी विकल्प मौजूद हैं.’
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