ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन और सरकार की सख्त चेतावनियों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता दिख रहा है. इस बीच वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के हवाले से दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ईरान पर हमला करने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले (एयरस्ट्राइक) के विकल्पों पर विचार कर रहा है. हालांकि, अभी तक किसी एक रणनीति पर सहमति नहीं बनी है. अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी तरह की सैन्य तैनाती या हथियारों की आवाजाही नहीं की गई है. यह योजना केवल संभावित परिस्थितियों के लिए तैयार की जा रही है.
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, ऐसी रणनीतिक योजना बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है. इसका यह अर्थ नहीं है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर हमला करेगा. दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में जारी विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने के संकेत दिए हैं. ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों में शामिल लोगों को अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा तक का प्रावधान है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों की मदद करने वालों पर भी यही आरोप लगाए जा सकते हैं. अभियोजकों को निर्देश दिया गया है कि वे बिना किसी नरमी के तेजी से मुकदमे चलाएं और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें.
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान देते हुए कहा कि ईरान शायद पहले से कहीं ज्यादा आज़ादी के करीब है. उन्होंने लिखा कि अमेरिका ईरानी जनता की मदद के लिए तैयार है. इसके अलावा अमेरिकी विदेश विभाग ने भी कड़ा संदेश जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनियों को हल्के में न लिया जाए. बयान में कहा गया कि जब ट्रंप कोई बात कहते हैं, तो वे उस पर अमल करने की क्षमता और इरादा दोनों रखते हैं.
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