Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार (7 अप्रैल, 2026) को ईरान को दी गई डेडलाइन से पहले तेहरान को एक बार फिर नेस्तनाबूद करने की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि आज रात एक सभ्यता पूरी तरह खत्म हो जाएगी, जिसे फिर कभी वापस नहीं लाया जा सकेगा. ट्रंप की धमकी के आगे झुकने के बजाए ईरान ने अमेरिका को करारा जवाब दिया है. दक्षिण अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप पर को जवाब देते हुए कहा, ‘आपको और आपके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे आप कभी भूल नहीं पाएंगे.’
डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी देते हुए क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए दी गई डेडलाइन में 12 घंटे से भी कम समय बाकी रह गया है. इस बीच ईरान ने अपना रुख और सख्त कर लिया, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान को ऐतिहासिक स्तर तक तीखा कर दिया. उन्होंने धमकी दी कि अगर तेहरान इस महत्वपूर्ण तेल मार्ग को नहीं खोलता, तो आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो जाएगी. उन्होंने यह उम्मीद जताई कि रात 8 बजे ET (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5:30 बजे) से पहले कुछ क्रांतिकारी रूप से अद्भुत हो सकता है.
ईरानी दूतावास ने अमेरिका की धमकी का दिया जवाब
ट्रंप के धमकी से झुकने के बजाय तेहतान ने जोरदार पलटवार किया है. दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, ‘आप और आपके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे आप कभी नहीं भूल पाएंगे.”
Trump told: “A whole civilization will die tonight”.
You and your allies will suffer an unforgettable hit from the ancient civilization of Iran.
— Iran Embassy SA (@IraninSA) April 7, 2026
अमेरिकी-इजरायली हमलों में हुई थी 170 स्कूली लड़कियों की मौत
“Trump: A whole civilization will die tonight, never to be brought back again.”
These words are too big for your mouth. Stop embarrassing your people.
— Iran Embassy in Zimbabwe (@IRANinZIMBABWE) April 7, 2026
दूतावास ने एक अन्य पोस्ट में मिनाब में फरवरी महीने में अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए एक बच्चे की दुख में डुबी मां की तस्वीर भी शेयर की. यह घटना ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या और एक प्राथमिक स्कूल पर निशाना लगाकर किए गए मिसाइल हमलों के बाद हुई थी, जिसमें करीब 170 स्कूली लड़कियों की मौत हुई थी. दूतावास ने पोस्ट में लिखा, ‘इस दुख, गुस्से और चेहरे को याद रखिए. हम आपको जाने नहीं देंगे.’ जिम्बाब्वे में ईरानी दूतावास ने ट्रंप की धमकियों का मजाक उड़ाते हुए लिखा, ‘ये शब्द आपके मुंह के लिए बहुत बड़े हैं. अपने लोगों को शर्मिंदा करना बंद करें.’
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