अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम अब बदलकर राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप इंटरनेशनल एयरपोर्ट रखा जा रहा है. इस बात की जानकारी खुद डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने दी. इस फैसले को रॉन डेसेंटिस ने मंजूरी दी है. CBS न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने एक बिल साइन किया, जिसके बाद इस एयरपोर्ट का नाम बदला जाएगा. नया नाम 1 जुलाई से लागू होगा. एरिक ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर खुशी जताई और कहा कि उन्हें इस काम में छोटा सा योगदान देने पर गर्व है. उन्होंने इसके लिए कई नेताओं और अधिकारियों का धन्यवाद भी किया.
हालांकि फेडरल एविएशन प्रशासन ने साफ किया है कि एयरपोर्ट का नाम बदलना स्थानीय स्तर का फैसला होता है और इसमें उनकी सीधी मंजूरी नहीं होती, लेकिन नाम बदलने के बाद उन्हें अपने रिकॉर्ड और सिस्टम अपडेट करने होते हैं. इस बीच ट्रंप प्रशासन ने इस नाम को लेकर पहले ही ट्रेडमार्क के लिए आवेदन किया था. इस आवेदन में यात्रा से जुड़ी कई चीजें जैसे बैग, कपड़े और अन्य सामान भी शामिल किए गए थे. कंपनी ने यह भी कहा है कि इस नाम बदलाव से डोनाल्ड ट्रंप या उनके परिवार को कोई आर्थिक फायदा नहीं होगा और वे इससे कोई पैसा नहीं लेंगे. यह फैसला अमेरिका में एक बड़ा राजनीतिक और प्रतीकात्मक कदम माना जा रहा है, जिसे लेकर चर्चा तेज हो गई है.
Palm Beach International Airport is now officially…. “President Donald J. Trump International Airport!”
Proud to have played a small role in making this happen. Huge thanks to @megforflorida, @GovRonDeSantis, @JamesUthmeierFL, and the overwhelming majority in the Florida House! pic.twitter.com/Yi5LSdlDaT
— Eric Trump (@EricTrump) March 30, 2026
अमेरिकी नोटों पर ट्रंप का साइन
अमेरिका में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. इस साल अमेरिकी डॉलर पर डोनाल्ड ट्रंप के साइन होने वाला है. यह पहली बार होगा जब कोई मौजूदा राष्ट्रपति सीधे अमेरिकी करेंसी पर साइन करेगा. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, ये नए नोट देश की आजादी के 250 साल पूरे होने के मौके पर जारी किए जाएंगे. इस बदलाव को खास और ऐतिहासिक माना जा रहा है. एक और बड़ा बदलाव यह है कि अब नोटों पर US ट्रेजरर का साइन नहीं होगा. पिछले करीब 165 सालों से नोटों पर ट्रेजरर का साइन होता आ रहा था, लेकिन अब इसे हटाया जा रहा है. ट्रेजरर का काम अमेरिकी करेंसी सिस्टम से जुड़ा होता है और वह ब्यूरो ऑफ एंग्रेविंग एंड प्रिंटिंग और यूएस मिंट जैसी संस्थाओं की देखरेख करता है.
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