us warns china amid rehearsing invasion of taiwan president donald trump vows to counter aggression


America warns China: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका ने नाराजगी जताई है. अमेरिका इसे लेकर एक कड़ी चेतावनी भी जारी की है. अमेरिका ने कहा कि बीजिंग ताकत का इस्तेमाल करके इंडो-पैसिफिक इलाके में शक्ति के क्षेत्रीय संतुलन को बदलने की तैयारी में लगा हुआ है. इसके अलावा बीजिंग का मुख्य उद्देश्य ताइवान पर अपना कब्जा जमाना भी है.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने शांगरी-ला डायलॉग में दिए संबोधन में चीन का किया जिक्र

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग 2025 में इस मामले को लेकर संबोधन दिया है. अपने संबोधन में पीट हेगसेथ ने कहा, “चीन की सेना असली हमले की रिहर्सल कर रही है और ताइवान पर कब्जा करने के लिए अपनी क्षमताओं को और विकसित कर रही है.” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक इलाके में तैनात रहेगा और कम्युनिस्ट चीन की आक्रामकता को रोकना जारी रहेगा.

चीन ने ताइवान को अपने मुख्यभूमि को जोड़ने की खाई कसम

यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ताइवान को अपने देश की मुख्यभूमि से जोड़ने की कसम खाई है. इसके लिए अगर जरूरत पड़ी तो वह ताकत का इस्तेमाल करने को तैयार है. अपने इसी मकसद को पूरा करने के लिए चीन ताइवान के चारों ओर बड़े पैमाने पर और तेजी के साथ मिलिट्री ड्रिल्स कर रहा है, जिसके अमेरिकी अधिकारी एक घेराबंदी या हमले की तैयारी मानते हैं.

सत्ता संभालते ही चीन पर हमलावर हुए थे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, तकनीक और रणनीतिक मुद्दों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से देश की सत्ता संभाली है, तभी से उन्होंने चीन के खिलाफ ट्रेड वॉर छेड़ दी है.

अमेरिका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की प्रमुख तकनीकों तक चीन की पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया है. इसके अलावा फिलिपींस जैसे अपने सहयोगियों के साथ सैन्य संबंध को भी मजबूत किया है, जो साउथ चाइना समुद्र में चीन के साथ क्षेत्रीय विवादों में उलझा हुआ है.

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने चीन पर लगाए कई आरोप

यूरेशियन टाइम्स के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चीन पर साइबर हमलों, पड़ोसी देशों को परेशान करने और साउथ चाइना समुद्र में अवैध सैन्य निर्माण को लेकर विवाद करने को लेकर आरोप लगाए हैं. उल्लेखनीय है कि वैश्विक समुद्री व्यापार का 60 प्रतिशत भाग साउथ चाइना समुद्र के माध्यम से होकर ही गुजरता है. इस मामले को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने पहले ही चीन के व्यापक रूप से किए गए क्षेत्रीय दावों को गैर-कानूनी घोषित कर दिया है.

शांगरी-ला डायलॉग 2025 में चीन के शीर्ष अधिकारियों ने नहीं लिया भाग

हालांकि, इन गंभीर चिंताओं के बावजूद, चीन ने शांगरी-ला डायलॉग 2025 में अपने शीर्ष अधिकारियों को न भेजकर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधियों को भाग लेने के लिए भेजा. इस पर अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इस सम्मेलन में चर्चा का मुख्य विषय साउथ चाइना समुद्र में चीन की बढ़ती आक्रामकता और ताइवान पर उसका लगातार बढ़ता दवाब रहेगा.



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