भारत के दिल्ली, मुंबई और नोएडा के ट्रैफिक जाम को पीछे छोड़ते हुए चीन में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रैफिक जाम देखने को मिला है. यह महाजाम अनहुई प्रांत के वुझुआंग टोल स्टेशन पर तब लगा, जब लाखों लोग नेशनल डे और मध्य-शरद उत्सव (Mid-Autumn Festival) की आठ दिनों की छुट्टियों के बाद अपने घरों की ओर लौट रहे थे.
सोमवार (6 अक्टूबर 2025) को हुए इस जाम में हजारों गाड़ियां घंटों तक फंसी रहीं. ड्रोन से लिए गए फुटेज में 36 लेन वाले विशाल वुझुआंग टोल स्टेशन पर लाल टेल लाइट्स की लंबी कतारें एक अद्भुत लेकिन परेशान करने वाला नजारा पेश कर रही थीं.
The return tide has arrived — millions of travelers are heading home from the holiday. pic.twitter.com/2cB8VAH7Nm
— China Perspective (@China_Fact) October 8, 2025
36 लेन वाला टोल स्टेशन बना रेड सी ऑफ लाइट्स
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वुझुआंग टोल स्टेशन (Wuzhuang Toll Station) पूरी तरह लाल रोशनी से चमकता दिखा, जहां हजारों गाड़ियां अपनी बारी का इंतजार करती नजर आईं. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस टोल स्टेशन से उस दिन लगभग 1,20,000 वाहनों का आवागमन हुआ. हालांकि टोल प्लाजा में 36 लेन हैं, लेकिन इतने बड़े यातायात के कारण सैकड़ों वाहन कई किलोमीटर लंबी लाइन में फंस गए. ड्रोन फुटेज में दिखा कि किस तरह कई गाड़ियां अलग-अलग लेन से आकर चार मुख्य लेन में सिमटते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. इस नजारें को रेड सी ऑफ लाइट्स (लाल रोशनी का समुद्र) नाम दे दिया गया.
मध्य-शरद उत्सव और राष्ट्रीय दिवस का मेल बना जाम की वजह
मध्य-शरद उत्सव (Mid-Autumn Festival) चीन का एक पारिवारिक त्योहार है, जिसे लोग अपने परिजनों के साथ मनाने के लिए घर लौटते हैं. इस वर्ष यह त्योहार राष्ट्रीय दिवस की छुट्टियों के साथ पड़ गया, जिससे देशभर में आठ दिन का लंबा अवकाश (1 से 8 अक्टूबर) मिल गया. चीन के संस्कृति और पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक, इस अवधि में 88.8 करोड़ लोगों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 16% अधिक थीं. 2024 में समान अवधि के दौरान 76.5 करोड़ लोग घूमने निकले थे. इतनी बड़ी संख्या में लोग एक साथ सड़कों पर निकल पड़े, जिससे हाईवे और टोल स्टेशन पर भयानक जाम लग गया.
ड्राइवरों को चीनी नववर्ष की याद
वुझुआंग टोल स्टेशन पर फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्हें यह जाम चीनी नववर्ष (Chinese New Year) की याद दिला रहा है, जब हर साल इसी तरह का ट्रैफिक संकट देखने को मिलता है. कई ड्राइवरों ने शिकायत की कि वे 3 से 5 घंटे तक वाहन में फंसे रहे,जबकि कुछ लोगों ने दावा किया कि टोल पार करने में रात भर का समय लग गया. एक ड्राइवर ने पोस्ट किया कि टोल से आगे निकलते ही राहत मिली, लेकिन सड़क पर इतना ट्रैफिक था कि ऐसा लगा जैसे पूरा चीन एक साथ सफर कर रहा हो.”
चीन में पहले भी लगे हैं ऐतिहासिक जाम
यह पहली बार नहीं है जब चीन में इतनी बड़ी ट्रैफिक समस्या देखी गई हो. वर्ष 2010 में बीजिंग-तिब्बत एक्सप्रेसवे पर दुनिया का सबसे लंबा जाम दर्ज हुआ था. 14 अगस्त 2010 को लगा यह जाम 100 किलोमीटर से अधिक लंबा था और 12 दिनों तक चला था. तब सैकड़ों ट्रक सड़क पर खराब हो गए थे, जिससे हजारों वाहन और यात्री लगातार 12 दिन तक राजमार्ग पर फंसे रहे. लोगों को खाने-पीने का सामान स्थानीय विक्रेताओं से महंगे दामों पर खरीदना पड़ा था.