अपनी वाहवाही में खुल गई पाकिस्तान की पोल, 7 महीने बाद दुनिया के सामने मान लिए ये 7 सच


भारत के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान ने सात महीने बाद बड़ा सच स्वीकार किया है. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने माना है कि 10 मई की सुबह भारत ने नूर खान वायुसेना अड्डे पर हमला किया था. चार दिन तक चले भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के बाद यह पहला मौका है, जब पाकिस्तान ने खुले तौर पर इस हमले को माना है. माना जा रहा है कि यह हमला ब्रह्मोस मिसाइल से बहुत सटीक तरीके से किया गया था, जिससे एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा.

पाकिस्तान ने माना- नूर खान एयरबेस पर हमला
इशाक डार ने कहा कि 10 मई की सुबह भारत ने नूर खान एयरबेस पर हमला किया. उन्होंने बताया कि इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की. अब तक पाकिस्तान इस हमले को लेकर साफ बात नहीं कर रहा था, लेकिन सात महीने बाद पहली बार इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया है.

ब्रह्मोस का सटीक निशाना, एयरबेस को भारी नुकसान
डार ने सीधे ब्रह्मोस का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान से साफ है कि भारतीय हमला बहुत सटीक था. जानकारों का कहना है कि इस हमले में नूर खान एयरबेस को काफी नुकसान हुआ, जिसे पाकिस्तान लंबे समय से छिपाने की कोशिश कर रहा था.

पाकिस्तान ने मध्यस्थता नहीं मांगी
डार ने यह भी कहा कि मई में हुए संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारत से बातचीत के लिए किसी देश से मदद नहीं मांगी. हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और सऊदी अरब खुद भारत से बात करना चाहते थे.

अमेरिका और सऊदी अरब ने निभाई भूमिका
इशाक डार के मुताबिक, 10 मई की सुबह 8:17 बजे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उन्हें फोन किया और बताया कि भारत युद्ध रोकने के लिए तैयार है. डार ने कहा कि पाकिस्तान भी युद्ध नहीं चाहता था. इसके बाद सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने उनसे संपर्क किया और भारत से बात करने की अनुमति मांगी. बाद में दोनों देशों के बीच युद्ध रोकने पर सहमति बन गई.

ड्रोन और जेट गिराने के दावे, सबूत नहीं
डार ने दावा किया कि पाकिस्तान ने भारत के 80 ड्रोन में से 79 को रोक लिया और 7 मई को हुए हवाई संघर्ष में सात भारतीय लड़ाकू विमान गिराए गए. हालांकि, इन दावों के पक्ष में उन्होंने कोई सबूत पेश नहीं किया.

राष्ट्रपति जरदारी का बयान: ‘बंकर में जाने से इनकार’
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्हें बंकर में छिपने की सलाह दी गई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस सलाह को मानने से इनकार कर दिया. जरदारी के शब्दों में, ‘अगर मरना होगा तो यहीं मरेंगे. नेता बंकर में नहीं छिपते.’

सेना की तारीफ और शांति की बात
जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर की तारीफ की और इसे भारत को दिया गया ‘ठीक जवाब’ बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए कश्मीर मुद्दे का हल जरूरी है.

ऑपरेशन सिंदूर क्यों शुरू हुआ
भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था. यह कार्रवाई पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 आम लोगों की मौत हो गई थी. भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक तेज संघर्ष चला, जो 10 मई को युद्ध रोकने के फैसले के साथ खत्म हुआ.



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