भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच लंबे समय से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत पूरी हो चुका है. इस डील को मदर ऑफ ऑल ट्रेड डील बताया गया है. इसकी वजह है 25% ग्लोबल जीडीपी और 2 अरब की संख्या वाला कंज्यूमर मार्केट, जो इस डील के साथ अस्तित्व में आ जाएगा. दोनों देशों के बीच हुई डील को ऐतिहासिक बताया जा रहा है.
ऐसे में हम आपको उन चुनिंदा देशों के बारे में बता रहे हैं, जिनके बीच फ्री ट्रेड डील हो चुकी है. इनमें भारत के साथ हुए देशों को भी शामिल किया जाएगा, कि आखिर वो कौनसे देश हैं, जिनके साथ भारत ने FTA किया हुआ है. लेकिन पहले समझते हैं, कि आखिर यह FTA है क्या?
FTA मतलब फ्री ट्रेड डील. यह एक द्विपक्षीय मुक्त व्यापार समझौता होता है, जो दो देशों के बीच आपसी सहमति पर किया जाता है. इसके जरिए एक फ्री बिजनेस एरिया यानी मुक्त व्यापारिक क्षेत्र तैयार किया जाता है.
(इनमें हमने आर्थिक रूप से मजबूत चुनिंदा देशों को रखा है…)
ऑस्ट्रेलिया का किन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट
ऑस्ट्रेलिया सरकार की वेबसाइट (dfat.gov.au) के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया का कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट है. इसमें साउथ एशियन देशों की एसोसिएशन (ASEAN), चिली, चीन, हॉन्गकॉन्ग, भारत, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, न्यूजीलैंड, पपुआ न्यू गिनी, पेरू, सिंगापुर, साउथ कोरिया, थाइलैंड, यूके, यूनाइटेड स्टेट यानी अमेरिका शामिल हैं.
कनाडा का किन देशों के साथ FTA
कनाडा से जुड़ी जानकारी देने वाली pfcollins वेबसाइट के मुताबिक, कनाडा ने भी कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट कर रखा है. इनमें कोलंबिया, कोस्टा रिका, इजरायल, जोर्डन, साउथ कोरिया, यूके, यूएस, EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन), और यूरोपियन यूनियन शामिल हैं.
चीन का किन देशों के साथ FTA
चीन से जुड़ी जानकारी देने वाली china briefing वेबसाइट के मुताबिक, दुनिया में ड्रैगन नाम से फेमस चीन का भी कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हैं. इनमें हॉन्गकॉन्गद, मकाउ, चीली, पाकिस्तान, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, एशियन देश, पेरू, ताइवान, कोस्टा रिका, आइसलैंड, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, जॉर्जिया और कंबोडिया शामिल हैं.
यूरोपियन यूनियन की इन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील
यूरोपियन यूनियन से जुड़ी जानकारी देने वाली efta.int वेबसाइट के मुताबिक, भारत के अलावा यूरोपियन यूनियन ने दुनिया के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील की हुई है. इनमें अल्बेनिया, अल्जीरिया, एंडोरा, चिली, मिस्र, जॉर्जिया, भारत, इजरायल, जापान, जॉर्डन, लेबनान, मैसेडोनिया, मेक्सिको, मोंटेनेग्रो, मोनाको, मोरक्को, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्विडजरलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, वियतनाम जैसे देश शामिल हैं.
भारत की किन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील
पीआईबी के मुताबिक, भारत भी यूरोपियन यूनियन के पहले कई देशों से फ्री ट्रेड डील कर चुका है. अकेले यूरोपियन यूनियन में 27 देश शामिल हैं. इनके अलावा अफगानिस्तान, ASEAN,ऑस्ट्रेलिया, भूटान, चिली, यूरोपीय संघ, जापान, मलेशिया, मॉरीशस, मर्कोसुर, नेपाल, न्यूजीलैंड, ओमान, सार्क, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं.
जापान का किन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट
जापान से जुड़ी जानकारी देने वाली trade.gov वेबसाइट के मुताबिक, जापान का भारत समेत कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट हैं. इनमें ASEAN,ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, यूरोपीय संघ, भारत, इंडोनेशिया, मलेशिया, मेक्सिको, मंगोलिया,पेरू, फिलीपींस, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, वियतनाम, यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं.
अमेरिका की किन देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट
अमेरिका से जुड़ी जानकारी देने वाली ustr.gov वेबसाइट के मुताबिक, अमेरिका का भी दुनिया के कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट है. इनमें ऑस्ट्रेलिया, बहरीन,चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन रिपब्लिक, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, इजरायल, जापान, जॉर्डन, मार्शल आइलैंड्स, माइक्रोनेशिया, निकारागुआ, ओमान, पनामा, पलाऊ, पेरू, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर जैसे देश शामिल हैं.
यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
यूरेशियन से जुड़ी जानकारी देने वाली eaeunion.org वेबसाइट के मुताबिक, यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, आर्मेनिया और किर्गिस्तान वाले देशों का इकोनॉमिक यूनियन है. इसका नाम यूरेशियन रखा है. इनका अन्य देशों के साथ फ्री ट्रेड डील एग्रीमेंट है. इनमें मोल्दोवा, उज़्बेकिस्तान, मिस्र, ताजिकिस्तान, वियतनाम, चीन, सर्बिया, सिंगापुर, ईरान, इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं.
भारत को इन देशों के साथ मिलता है फायदा
पीआईबी के मुताबिक, भारत को जो सबसे ज्यादा व्यापार से फायदा मिलता है, उनमें अमेरिका सरप्लस देशों में शामिल है. इसका सीधा मतलब है कि भारत अमेरिका को सामान ज्यादा बेचता है, और वहां से खरीदता कम है. 2024-25 के आंकड़े मुताबिक, भारत का अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ता 41.18 बिलियन तक पहुंच गया है. अमेरिका भारत का पिछले कई सालों से सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना हुआ है. अमेरिका के अलावा भारत को नीदरलैंड, यूके, और बांग्लादेश से सबसे ज्यादा फायदा होता है. भारत के लिए सबसे बड़ा घाटा देने वाला देश चीन है. भारत चीन से अधिक सामान खरीदता है. निर्यात कम करता है.