तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पर सोमवार को बंगाल पुलिस गई थी, जिसको लेकर टीएमसी भड़क गई. टीएमसी ने इस कदम को अलोकतांत्रिक और तानाशाही भरा हुआ बताया.
TMC नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने पुलिस के एक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी ने कथित उल्लंघनों पर कोलकाता नगर निगम से सफाई मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना था कि अभिषेक बनर्जी ने कॉर्पोरेशन से पूछा था कि उन्हें बताएं कि क्या गलत हुआ है, उनके पास जानकारी नहीं थी. मुझे नहीं पता कि पुलिस इसमें कैसे शामिल हो गई. पश्चिम बंगाल में जो हो रहा है वह डेमोक्रेटिक नहीं है. कोई भी डेमोक्रेटिक सरकार इस तरह नहीं चलती.’
कल्याण बनर्जी ने बंगाल को लेकर क्या कहा?
अभिषेक बनर्जी के घर पर पुलिस कोलकाता नगर निगम द्वारा बनर्जी से कथित तौर पर जुड़ी कई प्रॉपर्टीज़ को अवैध कंस्ट्रक्शन के लिए नोटिस दिए जाने के बाद पहुंची. इसके अलावा, TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने शुभेंदु अधिकारी और BJP MLA अग्निमित्रा पॉल पर निशाना साधते हुए सरकार पर चुनिंदा कार्रवाई और तानाशाही का आरोप लगाया.
ये भी पढ़ें- नीलम मीणा बनीं पश्चिम बंगाल की नई चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर,मनोज कुमार अग्रवाल की लेंगी जगह
बनर्जी ने कहा, ‘एक तानाशाही सरकार सत्ता में आ गई है और वे ठीक यही दिखा रहे हैं. शुभेंदु अधिकारी उस सरकार के मुख्यमंत्री हैं और अग्निमित्रा पॉल मंत्री हैं तो वे दिखा रहे हैं कि वे तानाशाही कैसे चला सकते हैं. वे किसी को काम नहीं करने दे रहे हैं. जनता इसका जवाब देगी. उन्होंने मेरा पार्टी ऑफिस गिरा दिया, इसे गैर-कानूनी बताया, लेकिन क्या उन्होंने BJP का पार्टी ऑफिस गिराया जो गैर-कानूनी था? वे कहते हैं कि वे सरकार की जमीन पर जो कुछ भी है उसे गिरा देंगे. अगर उनमें हिम्मत है तो गांधी जी की मूर्ति, मंदिर, मस्जिद भी गिरा दें?’
TMC ने क्या आरोप लगाया?
टीएमसी ने कोलकाता नगर निगम के एक नोटिस की रिपोर्ट पर पलटवार किया, जो कथित तौर पर पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और MP अभिषेक बनर्जी से जुड़ा है. उन्होंने इन दावों को पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और बिना किसी भरोसे का बताया. तृणमूल ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसने अभिषेक बनर्जी और दूसरे सीनियर नेताओं के खिलाफ बदनाम करने का कैंपेन चलाने के लिए लोकल मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नोटिस को अनऑफिशियली लीक किया.
बयान में कहा गया, ‘हमें KMC नोटिस से जुड़ी मीडिया कवरेज और पोस्ट देखने को मिले हैं, जिसे BJP ने अनऑफिशियली लीक किया था- जिसमें AITC के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और MP अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई प्रॉपर्टीज़ को हाईलाइट किया गया था, साथ ही इस मामले से दूसरे नेताओं को जोड़ने की भी कोशिश की गई थी. नोटिस और पिछले कुछ दिनों की मीडिया कवरेज पूरी तरह से झूठी, मनगढ़ंत और बिना किसी भरोसे के है.’
ये भी पढ़ें- बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद ममता ने बदली इंडिया गठबंधन की रणनीति, जानें अब आगे क्या होगा?
कब शुरू हुआ था विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि TMC से जुड़े कई लोगों ने बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी जमा कर ली है. उन्होंने कहा, ‘मैंने म्युनिसिपल अफेयर्स सेक्रेटरी और KMC कमिश्नर को 4 नामों के बारे में बताया है: बेलेघाटा से राजू नस्कर, जिसके पास 18 प्रॉपर्टी हैं, कस्बा से सोना पप्पू, जिसके पास 24 प्रॉपर्टी हैं, अभिषेक बनर्जी के पास 24 प्रॉपर्टी हैं, जावेद खान का बेटा, जिसके पास 90 प्रॉपर्टी हैं. इन लोगों ने लूट की है. आने वाले दिनों में, BJP सरकार इन भ्रष्ट लोगों को कानूनी तौर पर सलाखों के पीछे डाल देगी.’