अगले महीने की तीन तारीख यानी 3 जुलाई, 2026 से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में है. जहां एक तरफ प्रशासन अमरनाथ यात्रा करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ यात्रियों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बलों ने कमर कस ली है.
सुरक्षा बलों ने जम्मू के कठुआ से लेकर श्रीनगर तक पहाड़ों, जंगलों, नदी-नालों, हाईवे और रेलवे ट्रैक्स पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर दिए गए हैं. इसके साथ ही, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा को लेकर जम्मू के कठुआ जिले में एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया.
जम्मू के कठुआ से ही शुरू होती है अमरनाथ यात्रा
जम्मू के कठुआ में हुए इस स्मॉग ड्रिल का मकसद सुरक्षा बलों की तैयारी को धार देना था. दरअसल, देश भर के भोलेनाथ के भक्तों का अमरनाथ यात्रा के लिए स्वागत कठुआ जिले में होता है और यहीं से अमरनाथ यात्रियों को जत्थे के साथ पहले जम्मू और फिर बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया जाता है.
यात्रा के पहले मॉक ड्रिल के पीछे क्या है मकसद?
कठुआ में हुई इस मॉक ड्रिल का मकसद यह भी था कि जम्मू में आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे सुरक्षा बलों को जमीन पर ऐसी स्थितियों से अवगत कराया जाए, जिन स्थितियों में उन्हें किसी भी समय आतंकियों का मुकाबला करना पड़ सकता है.
सुरक्षा बलों को ग्राउंड जीरो पर ऐसे माहौल में ढाला गया, जहां उन्हें उन प्राकृतिक और भौगोलिक स्थितियों से अवगत कराया गया, जिसे उन्हें अगले तीन महीने तक जूझना है.
दूसरे राज्यों के सुरक्षा बल भी यात्रा की सुरक्षा में तैनात
गौरतलब है कि इस बार अमरनाथ यात्रा को लेकर पुलिस, प्रशासन से सुरक्षा बल पूरी तरह से अलर्ट मोड में है. अमरनाथ यात्रियों की हर संभव सुरक्षा प्रदान के लिए न केवल जम्मू कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और अर्ध सैनिक बल तैयार हैं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों को भी जम्मू कश्मीर में तैनात कर दिया गया है.
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