अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की आहट! खाड़ी देशों में डिफेंस सिस्टम की तैनाती, मीडिल ईस्ट में क्यों बजे सायरन?


खाड़ी देशों में अमेरिका और ईरान युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है. इसकी कई वजह सामने आई हैं. इनमें पहली वजह इजराइल और खाड़ी देशों में एंटी रॉकेट सिस्टम एक्टिव किया गया है. अब एयर डिफेंस सिस्टम की तैनाती से माना जा रहा है कि ईरान पर हमले की तैयारी है. साथ ही जवाबी कार्रवाई करने और उससे निपटने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव किया गया है. 

युद्ध संकट के बीच दूसरी जो सबसे बड़ी सुगबुगाहट देखने को मिली है, उनमें यह कि गल्फ कंट्री कुवैत और बहरीन में रविवार को इमरजेंसी पब्लिक वॉर अलार्म सिस्टम टेस्ट किया गया है. इन लोगों को अलार्म बजने के बाद सुरक्षित जगह पर आश्रय लेने का एहतियातन तौर पर निरीक्षण किया गया है. 

ईरान आर्मी चीफ ने अपने कमांडर्स से कहा है कि अमेरिका या इजराइल उनके सेंट्रल कमांड कंट्रोल सिस्टम और कम्युनिकेशन को नष्ट कर देता है, तो वो किसी भी ऑर्डर का इंतजार नहीं करेंगे. उन्हें जो टास्क दिए गए हैं, उनपर सीधा अटैक करेंगे. इसके अलावा खबर है कि ईरान ने पूरे देस में वॉर सायरन बजाए हैं. 

कुवैत में हुआ सायरन-अलार्म टेस्ट
इधर, कुवैत में युद्ध के हालातों से निपटने के लिए रविवार दोपहर 12 बजे सायरन/अलार्म टेस्ट किया है. इससे पहले गृह मंत्रालय ने बताया था कि ऑफिशियल फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी ओवरलैप होने की वजह से 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच सायरन शेड्यूल ट्रायल ऑपरेशन को रिशेड्यूल कर दिया गया था. मंत्रालय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि सेरेमनी के तुरंत बाद टेस्ट किया जाएगा. 

थाड़ की तैनाती से ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध का अंदेशा 
संडे गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी हमलों से अपने सैनिकों को बचाने के लिए मिडिल ईस्ट में मिलिट्री बेस पर नए पैट्रियट और थाड एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किए हैं. इसकी घोषणा यूएस के अधिकारियों ने 26 जनवरी 2026 को की थी. ईरान में आंतरिक हालात ठीक नहीं है. इस वजह से अमेरिका ऑपरेशन कर रहा है. वहां 1979 के बाद आर्थिक हालात बेहद ही निचले स्तर पर हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई विकल्पों पर काम कर रहे हैं. इनमें मिलिट्री हमले भी शामिल हैं.

संडे गार्जियन के मुताबिक, थाड़ ने खाड़ी में अमेरिकी मिसाइल डिफेंस को मजबूत किया है. यूएसएस अब्राहम लिंक कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को ओमान की खाड़ी में भेज दिया है. कतर के अल उदीद में मिलिट्री बेस पर F-15E फाइटर जेट और बॉम्बर वॉर के लिए तैयार कर रखे हैं. C-17A ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के जरिए तीन दिनों के भीतर दो जगह कुवैत में अली अल सलेम बेस और सऊदी अरब में प्रिंस सुल्तान बेस पर उपकरण पहुंचाए हैं. यह डिफेंस सिस्टम ईरान के मिसाइल हमलों से बचाने के लिए दो डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करता है. यह थाड लॉन्ग रेंज इंटरसेप्शन क्षमताओं को पैट्रियट PAC-3 डिफेंस सिस्टम के साथ जोड़ते हैं. 



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