टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की एक पूर्व कर्मचारी ने एनडीटीवी को बताया कि कंपनी के नासिक कार्यालय में टीम लीडर अपने डेस्क का इस्तेमाल काम के लिए नहीं, बल्कि महिला सहकर्मियों के शोषण के लिए करते थे. कर्मचारी ने बताया कि डेस्क पर महिलाओं को बुलाते समय अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता था. सभी आरोपियों का बात करने का तरीका बहुत अभद्र था.
पूर्व कर्मचारी ने कहा, “लड़कियों को टीम लीडर की डेस्क पर बुलाया जाता था और उनके साथ ऐसी अश्लील भाषा का प्रयोग किया जाता था, जिसकी किसी भी पेशेवर ऑफिस में कल्पना नहीं की जा सकती.”
‘साड़ी-बिंदी पहनने पर मजाक उड़ाता था तौसीफ अत्तार’
मुख्य आरोपी तौसीफ अत्तार पर हिंदू रीति-रिवाजों को निशाना बनाने का आरोप है. गवाह ने बताया कि वह त्योहारों के दौरान महिला कर्मचारियों का मजाक उड़ाता था, जब वे साड़ी या बिंदी पहनती थीं. कर्मचारी ने बताया, “त्योहार पर जब हम साड़ी पहनते थे तो वह हमारे पहनावे और धर्म पर सवाल उठाता था. जब हम जाने लगते थे तो वह घिनौनी टिप्पणियां करता था.”
एक हिंदू कर्मचारी ने अपनाया इस्लाम- पूर्व कर्मचारी
पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि कृष्णा नाम का एक सहकर्मी कार्यालय में रुद्राक्ष की माला पहनता था और बाद में उसने इस्लाम धर्म अपना लिया. एक और खुलासा निदा खान से संबंधित है, जिसकी जांच चल रही है. पूर्व कर्मचारी ने बताया कि निदा खान HR नहीं बल्कि एक प्रोसेस एसोसिएट थी, जो रहस्यमय तरीके से कर्मचारियों के तबादलों के लिए काम करती थी. कर्मचारी ने दावा किया कि सुरक्षा के नाम पर कर्मचारियों के फोन, बैग के अलावा लंच बॉक्स भी कार्यालय परिसर के बाहर छोड़ने के लिए कहा जाता था ताकि गतिविधियां रिकॉर्ड न हों.
‘लड़कियों पर होटल में जाने के लिए डालते थे दबाव’
पूर्व कर्मचारी ने दानिश और रज़ा नाम के दो अन्य कर्मचारियों का नाम लिया, जिन पर आरोप है कि वे ऑफिस से ही होटल और रिसॉर्ट बुक करते थे और युवा महिला कर्मचारियों पर उनके साथ आने का दबाव डालते थे. गवाह ने कहा कि कंपनी छोड़ने के बाद अब वह सुरक्षित महसूस करती हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी कॉर्पोरेट संस्था होने के बावजूद वरिष्ठ प्रबंधन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी.
सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को एक याचिका दायर की गई, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारों को धोखे से किए जा रहे धर्मांतरण पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई. याचिका में कहा गया है कि नासिक में संगठित धर्मांतरण ने पूरे देश के नागरिकों की अंतरात्मा को झकझोर दिया है. इसमें तर्क दिया गया है कि धोखे से किया जा रहा धर्मांतरण संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बंधुत्व, गरिमा, एकता और राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा है.
निदा खान समेत 7 गिरफ्तार, 1 महिला अब भी फरार
नासिक पुलिस टीसीएस से जुड़े मानसिक और यौन उत्पीड़न की 9 शिकायतों की जांच कर रही है. ये शिकायतें 8 महिला कर्मचारियों द्वारा दर्ज कराई गई हैं और फरवरी 2022 से मार्च 2026 तक की अवधि से संबंधित हैं. इस मामले में 7 कर्मचारियों दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और निदा खान को गिरफ्तार किया गया है. एक अन्य महिला कर्मचारी फिलहाल लापता है.
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