‘उदयपुर फाइल्स’ को केंद्र सरकार ने 6 कट के साथ दी मंजूरी, सुप्रीम कोर्ट ने मामले का जल्द निपटारा करने का दिया संकेत


केंद्र सरकार की कमिटी ने फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ में 6 कट का आदेश दिया है. केंद्र की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी गई. फ़िल्म निर्माता ने बताया कि उसने कमिटी के आदेश का पालन किया है. लेकिन याचिकाकर्ता ने इसे अपर्याप्त बताते हुए विरोध किया. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 24 जुलाई को मामले पर सुनवाई की बात कही है.

जमीयत उलेमा ए हिंद ने दाखिल की थी याचिका
उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित इस फिल्म के खिलाफ जमीयत उलेमा ए हिंद ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी थी. हाई कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार सिनेमेटोग्राफी एक्ट की धारा 6 के तहत मामले पर विचार कर फैसला ले. इसके खिलाफ निर्माता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. सुप्रीम कोर्ट ने भी 16 जुलाई को कहा कि फिल्म निर्माता, जमीयत उलेमा ए हिंद और हत्या केस के आरोपी मोहम्मद जावेद के प्रतिनिधि पहले कमिटी के सामने अपनी बात रखें.

2022 में कन्हैयालाल की हुई थी हत्या
जून 2022 में उदयपुर में दर्जी का काम करने वाले कन्हैयालाल की गला काट कर निर्मम हत्या हुई थी. उस दिनों पैगम्बर मोहम्मद के बारे में बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के एक बयान को लेकर काफी विवाद चल रहा था. कन्हैयालाल ने नूपुर का समर्थन करने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर किया था. इसलिए मोहम्मद रियाज़ और मोहम्मद गौस ने उन्हें मार डाला. आरोप है कि कई और लोगों ने हत्या में सहयोग किया.

फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले 55 कट का आदेश
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से पहले 55 कट का आदेश दिया था. इनमें उकसाने वाले दृश्य और संवाद हटाने, फिल्म को सत्य घटना पर आधारित काल्पनिक फिल्म बताने का डिस्क्लेमर लगाने और राजस्थान की जगह सिर्फ राज्य कहने जैसी कई बातें थीं. निर्माताओं ने उनका पालन किया.

अब केंद्र सरकार की कमिटी ने 6 कट के लिए कहा है. इसमें डिस्क्लेमर में बदलाव कर उसे वॉइस ओवर (आवाज़) के साथ दिखाने, फिल्म के पात्र नूतन शर्मा (नूपुर शर्मा का बदला हुआ नाम) का नाम कुछ और रखने, नूतन शर्मा के एक डायलॉग (मैंने वही कहा जो उनके धर्म ग्रंथ में लिखा है) को हटाना शामिल है. याचिकाकर्ता मोहम्मद जावेद के लिए पेश वरिष्ठ वकील मेनका गुरुस्वामी ने इसे नाकाफी बताया. जस्टिस सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह गुरुवार को मामले का निपटारा करने की कोशिश करेगी.



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