अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बुधवार (15 अक्टूबर, 2025) को भारतीय समयानुसार शाम 4:38 बजे के आसपास बड़ा धमका हुआ, जिसके बाद हर तरफ आग और धुएं का गुब्बार उठ गया. ये धमाका काबुल के खैरखाना कोटल इलाके में हुआ था. धमाके की तस्वीरें सामने आने के ठीक बाद अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने 4:53 बजे जानकारी दी कि काबुल में हुए धमाके का पाकिस्तान-अफगानिस्तान युद्ध से लेना देना नहीं है और धमाका सड़क पर खड़े तेल के टैंकर में ब्लास्ट की वजह से हुआ है.
पाकिस्तानी सेना ने जारी किया हवाई वीडियो
धमाके के बाद हर तरफ आग और धुआं ही था, जिसके बाद पूरे इलाके को कॉर्डन करके फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लगाई गईं, जिन्होंने आग पर काबू पाया. जिसके बाद जला हुआ तेल का टैंकर भी साफ-साफ दिख रहा था.
पाकिस्तान ने धमाके को लेकर किया दावा
इसके बाद पाकिस्तानी सेना ने शाम 7 बजे एक हवाई वीडियो जारी की और दावा किया कि काबुल में धमाका उसके हवाई हमले की वजह से हुआ था, जिसमें उसने तहरीक-ए-तालिबान के ठिकाने को निशाना बनाया था.
पाकिस्तानी सेना ने काबुल पर किया हवाई हमला- अब्दुल्ला
पाकिस्तानी सेना के वीडियो जारी करने के ठीक बाद अफगानिस्तान के उप प्रधानमंत्री मुल्ला अब्दुल घनी बरादर के कार्यालय के प्रमुख मुफ़्ती अब्दुल्ला आजम ने एक्स पर एक वीडियो साझा करके दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने जो हवाई स्ट्राइक काबुल पर किया था, वो स्थानीय लोगों के समूह पर किया था, जिसमें कई आम नागरिक मारे गए हैं और पाकिस्तान अपना बदला आम लोगों से ले रहा है. हालांकि, महज कुछ घंटे में अब्दुल्ला आजम ने एक्स साइट पर की गई अपनी पोस्ट को डिलीट कर दिया.
पाकिस्तानी हमले में अब तक 17 मासूमों की मौत, 140 से ज्यादा घायल
हालांकि, अफगानिस्तान की मीडिया ने काबुल के हमले की पुष्टि की है और जानकारी दी है कि पाकिस्तान ने काबुल में 2 जगह हवाई हमला उस समय किया था, जब दोनों देश सीजफायर पर बातचीत कर रहे थे.
पाकिस्तान के हमले पर इमरजेंसी अस्पताल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, 5 लोगों की काबुल हमले में मौत हुई है और 40 से ज़्यादा लोग घायल हैं. काबुल के अलावा आज पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के ख़ोश्त और कंधार में भी रिहायशी इलाकों में हमला किया था, जिसमें 12 आम लोगों की मौत हुई है और 100 से ज़्यादा आम लोग घायल हैं. यानी बीते 24 घंटे में पाकिस्तान के रिहायशी इलाकों में हमले की वजह से 17 मासूमों की जान जा चुकी है और 140 से ज़्यादा घायल हो चुके हैं.
आम लोगों को निशाना बनाने की पाकिस्तान की पुरानी आदत
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में जहां शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को संघर्ष के पहले चरण में भी पाकिस्तान आम लोगों के घरों और बाज़ारों को निशाना बनाया था, तो आज बुधवार (15 अक्टूबर) भी पाकिस्तान ने कुछ ऐसा ही किया जबकि इसके उलट अफगानिस्तान की सेना ने संघर्ष में सिर्फ़ पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाया है.
वैसे ये पहला मौका नहीं है जब पाकिस्तान संघर्ष में इंसानी बस्तियों को निशाना बना रहा हो. कुछ इसी तरह की हरकत पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी की थी, जब भारत ने उसके एयरबेसों पर हमला किया था तो इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने भारत के रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया था. पिछले 50 दिनों में पाकिस्तानी सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अपने देश में ही 329 से ज़्यादा लोगों का कत्लेआम कर चुकी हैं.
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