दुनियाभर में हो रही तेल की किल्लत के बीच सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. अब देश में एल्कोहॉल से गाड़ियां चलाने की तैयारी चल रही है. हालांकि, इस प्लान को लागू होने में कुछ साल लग सकते हैं, लेकिन इसकी तैयारी बहुत जल्दी ही शुरू कर दी जाएगी.
इथेनॉल-20 या E20 के बाद देश में इथेनॉल-85 या E85 फ्यूल से गाड़ियां चलाने की तैयारी चल रही है. E85 ऐसा फ्यूल है, जिसमें 85 प्रतिशत एल्कोहॉल होता है और सिर्फ 15 प्रतिशत ही पेट्रोल है. 2016 में यह प्रस्ताव लाया गया था और अब इस पर बहुत जल्दी काम शुरू करने की तैयारी है.
कई मीडिया आउटलेट्स ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से खबर दी है कि इस वक्त जब तेल की इतनी किल्लत हो रही है, सरकार इस प्लान को अमल में लाने की तैयारी कर रही है. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि सरकार बहुत जल्दी E85 पर ड्राफ्ट रूल जारी करेगी. उन्होंने बताया कि सरकार में इसे लेकर सहमति है और मार्केट में भी इस पर आम सहमति बन गई है. इसके अलावा E85 का प्रारंभिक परीक्षण भी शुरू किया जा चुका है.
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E85 या फ्लेक्स फ्यूल के लिए इंजन में कुछ बदलाव करने होंगे और कुछ सालों में इसे लॉन्च करने की तैयारी है. नॉन-फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों में E85 का इस्तेमाल करने से जंग लग सकता है, सील और होज खराब हो सकते हैं और वाहन को स्टार्ट करने में दिक्कत आ सकती है. सिर्फ खासतौर पर निर्मित फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों (Flex Fuel Vehicles) में ही इसका इस्तेमाल किया जा सकेगा.
ईटी नाओ ने एक और अधिकारी के हवाले से बताया कि पेट्रोल में 85 प्रतिशत इथेनॉल के मिश्रण की अनुमति का ड्राफ्ट तैयार है और जल्दी ही यह ड्राफ्ट जारी कर दिया जाएगा. इथेनॉल घरेलू स्तर पर गन्ने, गेहूं और अन्य अनाजों से तैयार किया जाता है.
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रिपोर्ट्स के अनुसार E85 को E20 से अलग फ्यूल ग्रेड के तौर पर लाया जाएगा. E20 में इथेनॉल की मात्रा 27 प्रतिशत तक होती है. 1 अप्रैल से सभी राज्यों में E20 पेट्रोल की बिक्री अनिवार्य कर दी गई है. यह कदम ऐसे समय पर उठाया जा रहा है, जब अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर तेल और गैस के जहाज फंसे हुए हैं, जिसके चलते देश में तेल और गैस की किल्लत हो रही है.