गर्भ में जुड़वां बच्चों की मौत, इलाज के दौरान मां भी नहीं बची, गम ने पिता का चीरा सीना, खुद को कर लिया खत्म


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क्या किसी के लिए भी यह सहन करना संभव है कि एक ही दिन में अपने पूरे परिवार को खो दे? तेलंगाना के शमशाबाद में एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया है. यह वह कहानी है जो आपकी आंखों में आंसू ला देगी और आपको सोचने पर मजबूर कर देगी कि जीवन कितना अनिश्चित है.

शमशाबाद क्षेत्र में एक गर्भवती महिला जुड़वां बच्चों को जन्म देने वाली थी, लेकिन उसके सपनों को कुछ ही दिनों में तबाही का सामना करना पड़ा. पहले तो गर्भ में ही दोनों बच्चों की मौत हो गई, फिर इलाज के दौरान मां की भी जान चली गई. इस त्रासदी से टूटा पति, अपनी पत्नी और अजन्मे बच्चों की मौत का दुख बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसने आत्महत्या कर ली.

भाग्य को कुछ और ही मंजूर था
परिवार के पड़ोसियों के अनुसार, यह परिवार बहुत खुश था और जुड़वां बच्चों के आगमन की बेसब्री से इंतजार कर रहा था. घर को सजाया गया था, बच्चों के लिए नए-नए कपड़े और खिलौने खरीदे गए थे, लेकिन भाग्य को कुछ और ही मंजूर था. जब महिला को प्रसव पीड़ा हुई तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में ही दोनों बच्चों की मौत हो चुकी है.

परिवार की मौत के बाद पति ने कर ली आत्महत्या 
इस खबर से पूरे परिवार में मातम छा गया, लेकिन यह सिलसिला यहीं नहीं रुका. महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया. कई दिनों तक चले इलाज के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका और उसकी भी मौत हो गई. पति अपनी पत्नी और बच्चों की मौत का गम सहन नहीं कर पाया और उसने आत्महत्या कर ली.

स्थानीय लोगों ने बताया कि पति-पत्नी का रिश्ता बहुत मजबूत था और वे एक-दूसरे का बहुत ख्याल रखते थे. वे भविष्य के बारे में कई योजनाएं बना रहे थे, लेकिन अब उनका पूरा परिवार मिट्टी में मिल गया है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोगों के चेहरों पर गम के बादल छाए हुए हैं.

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