चार्ली किर्क की श्रद्धांजलि सभा में उमड़ी भारी भीड़, अंतिम विदाई के लिए स्टेडियम के बाहर दिखी लंबी कतारें


यूटा के एक कॉलेज में 10 सितंबर को हुई चार्ली किर्क की हत्या के बाद रविवार (21 सितंबर, 2025) को उनकी श्रद्धांजलि सभा से पहले अमेरिका के एरिजोना राज्य के ग्लेनडेल शहर में स्थित स्टेट फार्म स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई.

सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, लोग सुबह 4:20 बजे से ही अपनी कारों में पहुंचने लगे थे और स्टेडियम के बाहर कई ब्लॉकों तक कारों की लंबी लाइन लग गई. यह श्रद्धांजलि सभा ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के नियम पर आयोजित की जा रही है. स्थानीय पुलिस का मानना है कि इस कार्यक्रम में 1 लाख से अधिक लोग हिस्सा ले सकते हैं.

सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य प्रमुख MAGA सहयोगी दिवंगत रूढ़िवादी कार्यकर्ता को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे. ट्रंप ने व्हाइट हाउस से एरिजोना के लिए रवाना होते हुए कहा, ‘हम आज एक महान व्यक्ति के जीवन का जश्न मनाने जा रहे हैं.’ चार्ली किर्क की मृत्यु और राष्ट्रपति ट्रंप के श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

‘होमलैंड सुरक्षा विभाग’ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि सेवा को एजेंसी की सर्वोच्च सुरक्षा रेटिंग दी गई है, जो सुपर बाउल जैसे ‘सर्वोच्च राष्ट्रीय महत्व के आयोजनों’ के लिए आरक्षित है. रॉयटर्स के अनुसार, आयोजकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 73,000 से अधिक लोगों की क्षमता वाला स्टेडियम पूरी तरह भर जाएगा और उन्होंने पास के एक अखाड़े में अतिरिक्त जगह की व्यवस्था भी कर ली है.

क्या है चार्ली किर्क हत्या की पूरी घटना?

बता दें कि 10 सितंबर को यूटा के ओरेम स्थित यूटा वैली यूनिवर्सिटी (यूवीयू) परिसर में एक ‘प्रश्नोत्तर सेशन’ के दौरान चार्ली किर्क की हत्या कर दी गई. चार्ली से अमेरिका में सामूहिक गोलीबारी के बारे में सवाल किया जा रहा था, तभी शूटर ने उनकी गर्दन में गोली मार दी.

जांच के दौरान 22 वर्षीय टायलर रॉबिन्सन पर हत्या का आरोप लगाया गया है. जांच एजेंसी का कहना है कि उसने अपने पार्टनर को टेक्स्ट मैसेज में बताया था कि उसने किर्क की हत्या इसलिए की, क्योंकि वह उससे बहुत नफरत करता था. हालांकि इस गोलीबारी से कुछ अमेरिकियों में यह डर बैठ गया है कि ट्रंप इस हत्या पर उपजे आक्रोश का इस्तेमाल अपने आलोचकों और राजनीतिक विरोधियों की आवाज दबाने के के रूप में कर रहे हैं.

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