जापान की PM सानाए ताकाइची ने भारत से दिया ऐसा मैसेज, चीन को लग गई आग, कहा – ‘यह एजेंडा…’


भारत यात्रा पर आईं जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची के ‘फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक’वाले बयान पर चीन भड़क गया. ड्रैगन ने जापानी पीएम के बयान की कड़ी आलोचना की है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने गुरुवार (2 जुलाई) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि दिखने में यह एजेंडा आजादी की बात करता है लेकिन हकीकत में यह बंटवारे और टकराव को बढ़ावा देता है. 

उन्होंने ताकाइची पर निशाना साधते हुए कहा, ‘यह मीठी-मीठी बातों से भरी योजना क्षेत्रीय देशों की शांति, विकास और सहयोग की साझा उम्मीदों के खिलाफ हैं. इसे कभी भी वास्तविक मान्यता नहीं मिलेगी. गुओ जियाकुन ने यह भी कहा कि यह नीति उस शांति, विकास और सहयोग के खिलाफ है, जिसकी इस क्षेत्र के सभी देश इच्छा रखते हैं.

क्या बोले चीनी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को अशांति के बजाय स्थिरता की जरूरत है और विभाजन के बजाय सहयोग को महत्व दिया जाना चाहिए. यह क्षेत्रीय देशों की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, क्षेत्रीय देशों के लिए यह पहले से कहीं ज्यादा जरूरी है कि वह अपना विजन साफ रखें और भरोसा बढ़ाएं.

जापान की पीएम के किस बयान पर भड़का चीन?

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की यह प्रतिक्रिया जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के उस बयान पर आई, जिसमें ताकाइची ने भारत यात्रा के दौरान कई बार फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक की अपील की थी. उन्होंने इस इलाके में नियमों के तहत व्यवस्था और साझा समृद्धि को प्राथमिकता बताया और किसी एक देश के प्रभुत्व को रोकने की वकालत की थी. बता दे कि ताकाइची का चीन के खिलाफ सख्त रुख रहा है, वह ताइवान समर्थक मानी जाती हैं. यही वजह है कि चीन जापानी पीएम की विदेश नीति पर सवाल उठाता रहता है.

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पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति पर जताई चिंता

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने गुरुवार (2 जुलाई) को पूर्वी और दक्षिण चीन सागर की स्थिति को लेकर भी गहरी चिंता जताई. नई दिल्ली में हुई बैठक के बाद कहा कि वे ऐसे किसी भी एकतरफा कदम का कड़ा विरोध करते हैं, जो समुद्री और हवाई आवाजाही की सुरक्षा और आजादी को खतरे में डालता हो या फिर ताकत या दबाव के जरिए मौजूदा स्थिति बदलने की कोशिश करता हो.

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