ट्रंप की मुश्किल बढ़ाने मुस्लिम देशों को साथ ला रहा चीन, OIC के साथ बीजिंग की बैठक, कहा- ‘जंगली कानून…’


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के बाद दुनिया की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. हर देश अपने हितों को ध्यान में रखते हुए नए वर्ल्ड ऑर्डर की ओर नजर बनाए हुए है. यूरोपीय देश जहां कनाडा के साथ मिलकर अमेरिका को आंख दिख रहा है तो वहीं चीन मुस्लिम देशों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गया है. चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने दुनिया के 57 मुस्लिम देशों के इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के महासचिव हुसैन इब्राहिम ताहा से मुलाकात की.

‘चीन इस्लामी देशों के साथ काम करने को तैयार’

चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि OIC इस्लामी दुनिया का सबसे बड़ा अंतर-सरकारी संगठन है. उन्होंने कहा, ‘चीन ने इस्लामी देशों के साथ संबंध को बेहतर करने के लिए हमेशा रणनीतिक महत्व दिया है. हम शिनजियांग और ताइवान के मुद्दे पर OIC के समर्थन की सराहना करते हैं. उन्होंने कहा कि चीन विकासशील देशों के अधिकारों और हितों की रक्षा करने और दुनिया को जंगल के कानून की ओर लौटने से रोकने के लिए इस्लामी देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है.’ चीन के विदेश मंत्री का यह बयान ट्रंप के टैरिप की धमकियों को लेकर था.

‘मिडिल ईस्ट में शांति-स्थिरता बनाए रखनी चाहिए’

चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि दोनों पक्षों को बेल्ट एंड रोड सहयोग पर फोकस करना चाहिए. न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘क्षेत्रीय तनाव वाले क्षेत्रों के राजनीतिक समाधान को बढ़ावा देना चाहिए और मिडिल ईस्ट में शांति-स्थिरता बनाए रखनी चाहिए.’ उन्होंने दोनों पक्षों से संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बनाए रखने में योगदान देने का आह्वान किया.

हुसैन इब्राहिम ताहा ने कहा, ‘ओआईसी चीन के सिद्धांतों का दृढ़ता से पालन करता है. हम चीन के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है.’ उन्होंने कहा कि फिलिस्तीनी मुद्दे पर चीन के समर्थन का OIC सराहना करता है. 

मिडिल ईस्ट में बढ़ रहा तनाव

चीन और OIC के बीच ये बातचीत मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जब एक ईरानी अधिकारी ने कहा कि उनके देश पर होने वाला कोई भी हमला एक पूर्ण युद्ध का रूप ले लेगा. इससे पहले ट्र्ंप ने चेतावनी दी थी कि एक अमेरिकी नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने ये भी कहा था कि यह केवल एहतियात के तौर पर है. साथ ही ईरान को चेतावनी दी थी कि वह प्रदर्शनकारियों को मारना बंद करे और अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू न करे.



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