‘ट्रंप के बोलने से कुछ नहीं होगा’, डील के लिए इशाक डार पहुंचे अमेरिका तो बोला ईरान, पाकिस्तान के मंसूबे पर फिरा पानी


ईरान और पाकिस्तान के बीच डील फाइनल करने को लेकर पाकिस्तान कितने भी दावे कर ले, लेकिन उसे कुछ हाथ नहीं लग रहा है. पाकिस्तान इस कोशिश में लगा हुआ है कि दोनों देशों की डील में उसकी भूमिका साबित हो जाए और आतंकवादी को बढ़ावा देने वाली उसकी छवि रिपेयर हो जाए. इस वजह से पाकिस्तान अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को धोखा देने से भी पीछे नहीं हटेगा. इसी को लेकर PAK विदेश मंत्री इशाक डार शुक्रवार (29 मई 2026) को अमेरिका पहुंचे.

ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी डील से इनकार किया

अमेरिकी सूत्रों ने एक्सियोस की रिपोर्ट की पुष्टि की है जिसमें कहा गया था कि दोनों पक्ष सीजफायर को बढ़ाने और ईरान के यूरेनियम एनरिचमेंट पर बातचीत शुरू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमत हुए थे. इसके बाद ही इशाक डार अमेरिका दौरे पर पहुंचे हैं. डील के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना कि टोल और अनुमति के जहाजों को गुजरने की बात कही गई है. 

हालांकि ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने तेहरान के वार्ताकारों के करीबी एक सूत्र का हवाला देते हुए कहा कि मसौदे को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. इसमें कहा गया कि अगर कोई समझौता होता है तो पाकिस्तान को सूचित किया जाएगा.

ट्रंप के एकतरफा बोलने से नहीं होगा समझौता: ईरान

रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सूत्रों ने कहा, ‘कोई भी समझौता तभी फाइनल होगा जब तेहरान द्वारा इसकी घोषणा की जाएगी. ट्रंप के एक तरफा बोलने से कोई समझौता नहीं होगा.’ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि दोनों पक्ष समझौते पर पहुंचने के करीब हैं, लेकिन अभी तक समझौता नहीं हुआ है.

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अनुसार इशाक डार और मार्को रुबियो की मुलाकात होगी, जिसमें  द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की जाएगी. इसके अलावा आपसी हित के क्षेत्रिय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा. पाकिस्तान सीधे तौर पर नहीं कह रहा है कि इशाक डार दोनों देशों के डील को लेकर अमेरिका गए हैं, लेकिन उनके दौरे की टाइमिंग सबकुछ बयां कर रही है.

ईरान की मदद करने वालों पर अमेरिका ने कसा शिकंजा

अमेरिका ने ईरान की सेना और आईआरजीसी (IRGC) को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कई नए प्रतिबंध लगा दिए हैं. इन पाबंदियों के दायरे में उन कंपनियों, व्यक्तियों और जहाजों को लिया गया है, जो ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल को दूसरे देशों में भेजने का काम कर रहे थे. इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हांगकांग की कुछ ऐसी कंपनियों पर भी कार्रवाई की है, जो ईरान के अरबों डॉलर के तेल को अवैध रूप से बेचने के काम में शामिल थी.

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