अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन इसके बाद ईरान की तरफ से सख्त बयान सामने आया है. ईरान के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने साफ कहा है कि जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह युद्ध जारी रहेगा. उन्होंने बताया कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है. रज़ाई ने कहा कि ईरान को अपने नुकसान का पूरा मुआवजा चाहिए, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह गारंटी दी जानी चाहिए कि अमेरिका आगे उनके मामलों में दखल नहीं देगा.
सैन्य सलाहकार मोहसेन रेज़ाई ने सख्त लहजा अपनाते हुए कहा कि इस बार जवाब पहले जैसा नहीं होगा. उन्होंने कहा कि यह आंख के बदले आंख नहीं बल्कि सिर के बदले सिर जैसा जवाब होगा और विरोधियों को गल्फ एरिया छोड़ना पड़ेगा. रज़ाई ने यह भी कहा कि ईरान की सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और युद्ध के दौरान दबाव बनाए रखने के लिए लगातार ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं.
Former IRGC commander Mohsen Rezaei:
If Trump attacks Iran’s infrastructure, it won’t be an eye for an eye anymore, it will be an eye met with a head, a hand, and a foot. America will be crippled! pic.twitter.com/w3wrcUaypS
— Open Source Intel (@Osint613) March 23, 2026
बेंजामिन नेतन्याहू की वजह से बढ़ी लड़ाई- ईरान
रेज़ाई ने दावा किया कि यह युद्ध एक हफ्ते पहले ही खत्म हो सकता था, क्योंकि अमेरिका इसके लिए तैयार था, लेकिन बेंजामिन नेतन्याहू ने लड़ाई जारी रखने का दबाव बनाया. उनके अनुसार, अमेरिका को अब यह समझ आ गया है कि इस युद्ध में जीत का कोई साफ रास्ता नहीं है. दूसरी तरफ, ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका की ईरान के एक बड़े नेता से बातचीत चल रही है और ईरान समझौता करना चाहता है. उन्होंने बताया कि अमेरिका के प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनरने एक ईरानी नेता से बात भी की है, हालांकि उन्होंने उस नेता का नाम नहीं बताया. बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए थे, जिससे युद्ध की शुरुआत हुई थी.
ये भी पढ़ें: India-US Relations: पहले मार्को रुबियो फिर गल्फ देशों के राजदूतों संग जयशंकर की मीटिंग, जंग के बीच भारत कर क्या रहा?