थाईलैंड से बैंकॉक, फिर 2 दिन डिटेंशन सेंटर के बाद भारत का सफर, दिल्ली कैसे पहुंचेंगे लूथरा ब्रदर्स?


गोवा के बिर्च बाय रोमियो लेन क्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के मुख्य आरोपियों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को थाईलैंड से भारत लाने की प्रोसेस शुरू हो गई है. दोनों भाई अभी फुकेट में हिरासत में हैं. अब पता चला है कि इन्हें भारत कब और कैसे लाया जाएगा.

सौरभ और गौरव लूथरा अभी फुकेट पुलिस की हिरासत में हैं. दोनों भाईयों को फुकेट से निकालकर फ्लाइट से बैंकॉक लाया जाएगा. यह फ्लाइट बैंकॉक के डॉन मुआंग इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DMK) पर उतरेगी. यह यात्रा 1-2 दिन में पूरी हो सकती है. थाई इंटरपोल और पुलिस लूथरा ब्रदर्स को एस्कॉर्ट करेगी.

बैंकॉक की इमिग्रेशन जेल में रखा जाएगा

बैंकॉक एयरपोर्ट से सीधे थाई इंटरपोल उन्हें सुआन लू इमिग्रेशन डिटेंशन सेंटर (IDC) ले जाएगी. यहां इन्हें 2 से 4 दिनों तक रखा जाएगा, जब तक भारत वापसी की औपचारिकताएं पूरी न हों. IDC में पहले तस्वीरें और पहचान की जांच होगी. IDC में ही भारत की फ्लाइट टिकट बुक की जाएगी. भारतीय दूतावास और थाई इमिग्रेशन मिलकर प्रोसेस करेंगे.

लूथरा ब्रदर्स को इमरजेंसी सर्टिफिकेट मिलेगा

दोनों भाइयों का पासपोर्ट भारत सरकार ने रद्द कर दिया है, क्योंकि यह थाईलैंड में ओवरस्टे कर रहे थे. पासपोर्ट रद्द होने की वजह से सामान्य आउट पास नहीं मिलेगा. बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास इनको इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट (ETD) या सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी जारी करेगा, जो भारत लौटने की अनुमति देता है.

यह EC तैयार करने और मान्य करने में औसतन 36 से 48 घंटे (कभी-कभी 3-4 दिन भी) लग जाते हैं. दस्तावेजों में व्यक्ति की पहचान, भगोड़े होने की पुष्टि और दोनों देशों के बीच ऑफिशियल करस्पॉन्डेंट शामिल होता है.

लूथरा ब्रदर्स की भारत के लिए रवानगी होगी

EC मिलते ही थाई इमिग्रेशन और भारतीय दूतावास की आखिरी मुहर लगेगी. इसके बाद दोनों भाइयों को थाई पुलिस की निगरानी में फ्लाइट में बैठाकर सीधे दिल्ली भेज दिया जाएगा. दिल्ली एयरपोर्ट पर CBI या गोवा पुलिस की टीम रिसीव करेगी.

7 दिसंबर की सुबह थाईलैंड भागे थे लूथरा ब्रदर्स

6 दिसंबर को भीषण आग लगने के दौरान सौरभ और गौरव लूथरा का पूरा परिवार दिल्ली में एक शादी में शामिल होने गए थे. गोवा में बिर्च बाय रोमियो लोन में आग लगने की सूचना मिलते ही लूथरा ब्रदर्स ने फौरन थाईलैंड जाने की योजना बनाई थी. गोवा की एक अदालत में दस्तावेज पेश किए गए, जिसमें बताया गया कि 7 दिसंबर की सुबह 1:17 बजे यानी आग लगने के एक घंटे बाद दोनों ने फुकेट के टिकट बुक किए थे और सुबह 5:20 बजे तक भारत से रवाना हो गए थे.



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