बांग्लादेश के बहुचर्चित उस्मान हादी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है. इस मामले के मुख्य आरोपियों में शामिल फैसल करीम मसूद ने एक वीडियो जारी कर स्पष्ट किया है कि वह भारत नहीं बल्कि दुबई में मौजूद है. उसने हत्या में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार करते हुए खुद को निर्दोष बताया है और कहा है कि उस पर और उसके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं.
वीडियो जारी कर फैसल ने दी सफाई
वीडियो में फैसल करीम मसूद ने कहा कि उसने उस्मान हादी की हत्या नहीं की और न ही इस वारदात से उसका कोई संबंध है. उसके अनुसार, वह अपनी जान की सुरक्षा के चलते दुबई चला गया था. फैसल ने दावा किया कि हत्या के पीछे अन्य राजनीतिक कारण हो सकते हैं.
Faisal Karim Masud, one of the key accused in the Osman Hadi murder case, said in a video message that he is currently in Dubai and has no involvement in the killing. He claimed that the murder was carried out by Jamaat-Shibir. According to Faisal, his association with Hadi was… pic.twitter.com/vghSIAILJE
— Sahidul Hasan Khokon (@SahidulKhokonbd) December 30, 2025
जमात से जुड़ाव का किया दावा
फैसल ने वीडियो में कहा कि उस्मान हादी का संबंध जमात से था और संभव है कि उसी संगठन से जुड़े लोगों ने यह हमला किया हो. उसने कहा कि इस घटना में उसका नाम गलत तरीके से घसीटा जा रहा है. आरोपी का कहना है कि उस्मान हादी के साथ उसका संपर्क केवल कारोबारी जरूरतों तक सीमित था. फैसल एक आईटी कंपनी का मालिक है और उसने स्वीकार किया कि उसने राजनीतिक चंदा दिया था, लेकिन यह पूरी तरह वैध और पेशेवर कारणों से था, न कि किसी आपराधिक साजिश के तहत.
भारत भागने के दावे पर उठे सवाल
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने पहले दावा किया था कि फैसल करीम मसूद भारत भाग गया है. पुलिस के अनुसार, वह हलुआघाट बॉर्डर के जरिए भारत में दाखिल हुआ था. हालांकि, बाद में मेघालय में तैनात बीएसएफ के आईजी ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि सीमा पार करने का कोई सबूत नहीं मिला है.
दस्तावेजों से दुबई में मौजूदगी की पुष्टि
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपलब्ध दस्तावेजों से यह पुष्टि हुई है कि फैसल करीम मसूद इस समय दुबई में है. सूत्रों के मुताबिक, उसके पास दिसंबर 2022 में जारी पांच साल का मल्टी-एंट्री यूएई वीजा है, जिसके लिए उसने स्वयं भुगतान किया था.
गौरतलब है कि उस्मान हादी को 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान गोली मारी गई थी. इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई. हादी ‘इंकलाब मंच’ के प्रवक्ता थे और हालिया जनआंदोलन के बाद एक प्रभावशाली युवा नेता के रूप में उभरे थे. वह आगामी संसदीय चुनाव में उम्मीदवार भी थे.