‘रेयर अर्थ मिनरल्स पर फिर ऐसा कदम नहीं उठा पाएगा चीन’, अमेरिकी वित्त मंत्री की जिनपिंग को धमकी



अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि दुर्लभ खनिजों पर चीन की ओर से लगाए गए निर्यात प्रतिबंध उसके लिए ‘गलती’ साबित हुए हैं. इन कदमों ने दुनिया को यह एहसास करा दिया कि बीजिंग कैसे इन अहम संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर सकता है.

निर्यात नियंत्रण पर बढ़ा विवाद
चीन ने अक्टूबर में दुर्लभ धातुओं से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर नए नियम लागू किए थे. यह चीज रक्षा, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उद्योगों के लिए बेहद अहम मानी जाती हैं. इन प्रतिबंधों के कारण अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ताओं में तनाव बढ़ गया था. हालांकि, इस हफ्ते दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप की बैठक के बाद चीन ने घोषणा की कि वह कुछ निर्यात प्रतिबंधों को एक साल के लिए स्थगित करेगा.

‘चीन ने दुनिया को खतरे का एहसास करा दिया’- बेसेंट
फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत में बेसेंट ने कहा, ‘चीन ने सभी को खतरे के प्रति सचेत कर दिया है. उन्होंने वाकई में गलती की है.’ उनके मुताबिक, ‘हथियार दिखाना एक बात है, लेकिन हवा में गोलियां चलाना दूसरी बात.’

वैश्विक बाजार में हलचल
दुर्लभ धातुओं पर नियंत्रण से दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई थी और सप्लाई चेन प्रभावित हो गई थी. ये क्षेत्र चीन के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रभाव बनाने का एक बड़ा साधन माना जाता है. बेसेंट का कहना है कि अब चीन के लिए दोबारा इसी तरह का कदम उठाना आसान नहीं होगा, क्योंकि अमेरिका सहित कई देशों ने इसके खिलाफ ‘विकल्प तैयार कर लिए हैं.’ उन्होंने कहा, ‘चीन की नेतृत्व टीम वैश्विक प्रतिक्रिया से थोड़ा घबरा गई थी.’

चीन के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिया था आड़े हाथ
शी जिनपिंग ने दक्षिण कोरिया में चल रहे APEC शिखर सम्मेलन में शुक्रवार को ट्रंप को आड़े हाथों लिया. उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के नेताओं से कहा कि उनका देश वार्षिक आर्थिक क्षेत्रीय मंच पर वैश्विक मुक्त व्यापार की रक्षा में मदद करेगा, जिसकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनदेखी की. 



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