बालेन शाह या रवि लामिछाने, कौन होगा नेपाल का अगला प्रधानमंत्री? हो गया फैसला


भारत के पड़ोसी देश नेपाल में अगले प्रधानमंत्री का फैसला कर लिया गया है. बालेन शाह ही नेपाल की बागडोर संभालेंगे. राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने अपने नेता को चुन लिया है. नेपाल में हाल ही में चुनावों में RSP को बहुमत मिला है. इन चुनावों में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली अपनी खुद की सीट नहीं बचा पाए थे.

बालेन शाह शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. इससे पहले गुरुवार शाम को काठमांडू में पार्टी ऑफिस में केंद्रीय समिति की बैठक में काठमांडू के पूर्व मेयर को संसदीय नेता नियुक्त करने पर सर्वसम्मति से सहमति बनी. बालेन एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर और रैपर भी हैं.

27 मार्च को राष्ट्रपति भवन में लेंगे शपथ

शाह कल राष्ट्रपति भवन में एक विशेष समारोह के बीच राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल से शपथ लेंगे. आरएसपी के चार्टर के अनुसार, केवल संसदीय दल का नेता ही प्रधानमंत्री बन सकता है. 28 दिसंबर को आरएसपी के अध्यक्ष रवि लामिछाने और शाह के बीच हुए समझौते के अनुसार पार्टी अपने 182 सदन सदस्यों के वोटों के साथ शाह को आधिकारिक तौर पर इस भूमिका के लिए तैयार करने जा रही है. 

समझौते में कहा गया है कि पूर्व टीवी होस्ट और गृहमंत्री रवि लामिछाने राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष के रूप में काम करना जारी रखेंगे. बालेन शाह प्रतिनिधि सभा चुनाव के बाद संसदीय दल के नेता और भविष्य के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. 

शपथ समारोह के दौरान अन्य कार्यक्रम में चलते रहेंगे

बालेन शाह के शपथ समारोह में कई तरह के दूसरे रीति रिवाज भी चलते रहेंगे. 108 बटुक स्वस्ति शांति का पाठ करेंगे. 16 अन्य बौद्ध भिक्षु अष्टमंगल का पाठ करेंगे. हिंदुओं और बौद्ध दोनों ही परंपराओं में इन दोनों को शुभ माना जाता है. गोपनीयता की शपथ लेने के बाद बालेन अपने कैबिनेट सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. नए प्रधानमंत्री दोपहर लगभग 2:15 बजे सिंह दरबार में अपना पदभार ग्रहण करेंगे. इससे पहले गुरुवार दोपहर को बालेन ने प्रतिनिधि सभा के सदस्य के तौर पर गोपनीयता की शपथ ली थी. 

बालेन शाह की लाइफ से जुड़े फैक्ट्स

चार साल पहले एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर रैपर के रूप में पहचान बनाने वाले बालेन शाह ने काठमांडू मेयर का चुनाव लड़ा. यहां बालेन ने 61,767 वोट हासिल किए. अन्य उम्मीदवार सिर्जना सिंह को 38 हजार से ज्यादा वोट मिले, वहीं सीपीएन यूएमल के उम्मीदवार केश्व स्थापित जो पूर्व मेयर रह चकु, उन्हें 38,117 वोट मिले. ऐसे में महज चार साल बाद 35 साल के बालेन देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. 

अगर बालेन की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने हिमालयन व्हाइट हाउस कॉले से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. इसके बाद भारत से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की. सितंबर में हुए नेपाल में विरोध प्रदर्शन के दौरान 77 लोगों की मौत भी हुई. उसके बाद पीएम केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया. यह प्रदर्शन Gen-Z आंदोलन के नाम से जाना गया. Gen-z देश की अंतरिम सत्ता बालेन के हाथ में सौंपना चाहते थे, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया और फिर पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम सरकार चलाने की जिम्मेदारी सौंपी गई. 

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