‘बेरूत के कंधे पर रखकर बंदूक न चलाएं…’, US से वार्ता को लेकर लेबनान ने ईरान को सुनाई खरी-खोटी


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  • नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह खत्म होने तक हमले जारी रखने को कहा।

गेहूं के साथ घुन की तरह पिसने वाले पश्चिमी एशियाई देश लेबनान के सब्र का बांध आखिर टूट गया है.  इजरायल के हाथों एक बड़े इलाके को खोने वाले लेबनान का गुस्सा, लेकिन ईरान पर उतरा है. बिल्कुल ठीक सुना, ईरान पर. लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आओन ने ईरान को दो टूक कह दिया है कि अमेरिका के साथ बातचीत में बेरूत के कंधे पर रखकर बंदूक ना चलाएं.

जोसेफ ने इंटरनेशनल मीडिया को दिए इंटरव्यू में साफ तौर से कहा कि अमेरिका के साथ शांति वार्ता में ईरान ने लेबनान को एक बार्गेनिंग-चिप के तौर पर इस्तेमाल किया है, यह किसी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. जोसेफ ने ईरान के प्रोक्सी आतंकी समर्थन हिजबुल्लाह पर भी अपनी भड़ास निकाली और साफ लहजे में कहा कि वार्ता के लिए तैयार रहना होगा.

दरअसल, अमेरिका से शांति समझौते के लिए ईरान ने शर्त रखी है कि लेबनान में इजरायल के हमलों को पूरी तरह बंद करना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो शांति वार्ता को रद्द समझा जाए. ईरान ने जो 14 शर्तें अमेरिका के सामने रखी है, उसमें लेबनान को प्रमुखता से रखा गया है.

दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर कब्जे के लिए बढ़ रही IDF

ईरान युद्ध (28 फरवरी-8 अप्रैल) के बाद से इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के आतंकियों पर कहर बरपा रखा है. राजधानी बेरूत समेत दक्षिणी लेबनान में इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने हवाई हमलों में हिजबुल्लाह की रीढ़ की हड्डी तोड़कर रख दी है.

इजरायल ने ऐलान कर दिया है कि अपने देश की सीमा से लेकर दक्षिणी लेबनान में करीब 35 किलोमीटर तक का एक बफर जोन बनाया जाएगा. ऐसे में यहां पर आईडीएफ की सेना ने एक बड़े हिस्सा पर कब्जा कर आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है.

इजरायली हमलों में काफी संख्या में गई लोगों की जान

इजरायल के ताबड़तोड़ हवाई हमलों में जबरदस्त कोलेट्रल-डैमेज हुआ है और बड़ी संख्या में हिजबुल्लाह के आतंकी (लड़ाकों) समेत मासूम नागिरकों की जान जा रही है. इजरायली हमलों में घर, दफ्तर, अस्पताल सभी जमींदोज हो चुके हैं और दक्षिणी लेबनान, दूसरा गाजा बनने के लिए तैयार है. 

नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के सफाए तक हमले करने का किया ऐलान

हालांकि, हिजबुल्लाह भी हार मानने के लिए तैयार नहीं है और ईरान की तरफ से सप्लाई किए गए आत्मघाती ड्रोन से IDF पर हमले जारी रखे हुए है. इन हमलों में इजरायली सैनिकों की जान गई है. ऐसे में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह को पूरी तरह सफाया करने तक हमले जारी रखने की घोषणा की है.

इजरायल बार-बार कह रहा है कि आईडीएफ के हमले लेबनान पर नहीं, बल्कि हिजबुल्लाह को निशाना लगाकर किए जा रहे हैं. दरअसल, लेबनान में जोसेफ सरकार और लेबनानी सेना से ज्यादा हिजबुल्लाह का प्रभाव है. शहर की गलियों में लेबनानी पुलिस के बजाए हिजबुल्लाह के लड़ाकों का जोर चलता है. लेबनानी सेना भी हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई करने से हिचकिचाती है.

लेबनान में इजरायली हमलों से ट्रंप तक परेशान

ईरान ने लेबनान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नाक में भी दम कर रखा है. ऐसे में ट्रंप ने लेबनान पर हमलों को लेकर नेतन्याहू तक को फटकार लगा दी. ट्रंप ने नेतन्याहू को लेबनान पर हमले को लेकर क्रेजी करार दे दिया है, लेकिन नेतन्याहू ने कह दिया है कि हिजबुल्लाह पर हमले जारी रहेंगे.

ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी में लेबनान और इजरायली राजदूतों के बीच इसी हफ्ते दो दिन तक शांति वार्ता भी कराई थी. इस वार्ता के बाद से लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ के सुर बदल गए हैं और ईरान को खरीखोटी सुना दी, जिसकी कल्पना ईरान तो क्या इजरायल और अमेरिका तक ने नहीं की थी.

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