बैरकपुर के पूर्व सांसद, TMC से BJP में वापसी… जानें कौन हैं अर्जुन सिंह, जिन्होंने शुभेंदु सरकार में ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ


पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार में नौआपाड़ा से विधायक और बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है. सोमवार को लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली. टीएमसी और भाजपा दोनों दलों में रह चुके अर्जुन सिंह लंबे समय से उत्तर 24 परगना और बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र की राजनीति का चर्चित चेहरा रहे हैं.

बैरकपुर की राजनीति का बड़ा नाम
अर्जुन सिंह का राजनीतिक आधार बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र रहा है. उन्होंने स्थानीय राजनीति से अपनी शुरुआत की और धीरे-धीरे उत्तर 24 परगना जिले में अपनी मजबूत पहचान बनाई. मजदूर बहुल इलाकों और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पकड़ के कारण वे क्षेत्र के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं.

टीएमसी से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
अर्जुन सिंह लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से जुड़े रहे. पार्टी के टिकट पर उन्होंने स्थानीय निकाय और विधानसभा राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई. बाद में संगठन और नेतृत्व से मतभेद के बीच उन्होंने टीएमसी छोड़ दी और भाजपा का दामन थाम लिया.

भाजपा में शामिल होकर बने सांसद
भाजपा में आने के बाद अर्जुन सिंह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में बैरकपुर सीट से जीत दर्ज की और सांसद बने. उस चुनाव में उन्होंने भाजपा के लिए महत्वपूर्ण जीत हासिल की थी. बैरकपुर संसदीय क्षेत्र में उनकी सक्रियता ने उन्हें राज्य स्तर पर भाजपा के प्रमुख नेताओं में शामिल कर दिया.

शुभेंदु अधिकारी सरकार में मिली कैबिनेट जिम्मेदारी
भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में अर्जुन सिंह को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर 24 परगना, बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र और हिंदीभाषी मतदाताओं के बीच उनकी पहचान को देखते हुए पार्टी ने उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण स्थान दिया है. अब विभागों के बंटवारे के बाद यह स्पष्ट होगा कि सरकार में उन्हें कौन-सी जिम्मेदारी सौंपी जाती है.

बिहार के भोजपुर जिले से है पैतृक संबंध
अर्जुन सिंह का पैतृक संबंध बिहार के भोजपुर जिले के केवटिया गांव से बताया जाता है. हालांकि उनका पूरा राजनीतिक जीवन पश्चिम बंगाल में ही बीता है. बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर से लेकर संसद और अब राज्य मंत्रिमंडल तक का सफर तय किया है.



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