भारत से तालिबान की पाकिस्तान को सीधी चेतावनी, लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद को लेकर क्या बोले मुतक्की



अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुतक्की की ओर से दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बवाल मच गया है, क्योंकि इस कार्यक्रम में किसी भी महिला को शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई. अफगानिस्तान में तालिबान महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों के लिए जाना जाता है, जो उन्हें काम करने से रोकता है. इसके अलावा तालिबान का मानवाधिकार रिकॉर्ड और अफगानिस्तान में आतंकवादी समूहों को सुरक्षित पनाह मिलने की संभावना, कुछ ऐसी वजहें हैं, जिनको लेकर भारत तालिबान संग अपने संबंधों को लेकर काफी सतर्क है.

दिल्ली में शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को एस जयशंकर के साथ हुई मुतक्की की बातचीत को भारत-तालिबान संबंधों में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें भारत ने घोषणा कर दिया है कि काबुल स्थित तकनीकी मिशन को दूतावास में अपग्रेड किया जाएगा, जिसका अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्री ने स्वागत किया है.

मुत्तक्की की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं को शामिल होने से रोका

एस जयशंकर ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. मुझे भारत के तकनीकी मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. हालांकि दोपहर में अफ़ग़ानिस्तान दूतावास में मुत्तक्की द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिलाओं को शामिल होने से रोक दिया गया. कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा ज़ाहिर किया और यह कीभी बताया कि सभी महिला पत्रकारों ने ड्रेस कोड का सम्मान किया था. 

लश्कर और जैश को लेकर क्या बोले मुतक्की?

अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि उनका देश लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी समूहों को कोई जगह नहीं देता, जिन्होंने भारत पर कई हमले किए हैं और उन्होंने पाकिस्तान से भी ऐसा ही करने की अपील की. उन्होंने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए कहा, “उनमें से एक भी अफ़ग़ानिस्तान में नहीं है. देश में एक इंच ज़मीन भी उनके कब्ज़े में नहीं है. दूसरे देशों को भी ऐसे आतंकवादी समूहों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए, जैसे अफ़ग़ानिस्तान ने शांति के लिए की.”

देश में हुए हालिया हमले के लिए पाकिस्तान को ज़िम्मेदार ठहराते हुए मुत्तक्की ने कहा कि देश में शांति से किसी को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान भारत को एक करीबी मित्र के रूप में देखता है. अफगानिस्तान आपसी सम्मान, व्यापार और लोगों के बीच आपसी संबंधों पर आधारित संबंध चाहता है.

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