अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के फ्यूचर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद अमेरिका ही वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को दोहन करेगा और दूसरे देशों को भी बड़ी मात्रा में तेल बेचेगा. उन्होंने कहा कि सत्ता का सुरक्षित हस्तांतरण होने तक अमेरिका ही वेनेजुएला का प्रशासन चलाएगा.
ट्रंप ने बताया वेनेजुएला का भविष्य
डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वेनेजुएला पर हमले में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन मेरा मानना है कि हमारा कोई भी सैनिक नहीं मारा गया. उन्होंने कहा कि वेनेजुएला की सेना हमारा इंतजार कर रही थी और तैयार भी थी, लेकिन पूरी तरह से पराजित हो गई. ट्र्ंप ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि कोई और सत्ता में आए और हमारे सामने वही स्थिति आ जाए जो पिछले कई वर्षों से बनी हुई है इसलिए हम देश का संचालन खुद करेंगे. उन्होंने सत्ता हस्तांतरण के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई.
ट्रंप ने ये भी दावा किया कि अमेरिका ने समुद्र के रास्ते आने वाली 97 फीसदी नशीली दवाओं को नष्ट कर दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि हर ड्रग बोट औसतन 25,000 लोगों को मार देती है. उन्होंने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी अंधेरे में हुई. ट्रंप ने कहा, ‘दुनिया का कोई भी देश वह हासिल नहीं कर सकता जो अमेरिका ने हासिल किया. काराकास की बत्तियां लगभग पूरी तरह से बुझ चुकी थीं. हर तरफ अंधेरा था और हालात बेहद खतरनाक थे.’
वेनेजुएला पर हुए हमले पर यूएन ने चिंता जताई
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने शनिवार को वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई पर गहरी चिंता व्यक्त की है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने को उन्होंने एक खतरनाक मिसाल बताया. गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने कहा कि महासचिव इस बात से चिंतित हैं कि सैन्य कार्रवाई के क्षेत्र के लिए संभावित रूप से चिंताजनक परिणाम हो सकते हैं.
प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘वेनेजुएला की स्थिति से स्वतंत्र रूप से, ये घटनाक्रम एक खतरनाक मिसाल कायम करते हैं. उन्होंने कहा, महासचिव संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पूर्ण सम्मान करने के महत्व पर लगातार जोर दे रहे हैं. उन्हें इस बात की गहरी चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों का सम्मान नहीं किया गया है.’
रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की
वेनेजुएला में अमेरिकी एयरस्ट्राइक पर रूस, चीन और ईरान समेत कई देश भड़के हुए हैं. रूस ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, ‘ऐसी कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बहाने बेकार हैं. विचारधारा की दुश्मनी ने बिजनेस जैसी प्रैक्टिकल सोच और भरोसे और पहले से तय रिश्ते बनाने की इच्छा पर जीत हासिल कर ली है. लैटिन अमेरिका को वही शांति वाला इलाका बना रहना चाहिए, जैसा उसने 2014 में खुद को बताया था और वेनेजुएला को बिना किसी नुकसान पहुंचाने वाले, मिलिट्री तो छोड़ ही दें, बाहरी दखल के अपनी किस्मत खुद तय करने का हक मिलना चाहिए.’
अमेरिकी कार्रवाई से कैसे बढ़ गईं चीन की मुश्किलें?
वेनेजुएला की सत्ता को लेकर ट्रंप के ऐलान के बाद चीन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. चीन, वेनेजुएला का सबसे बड़े तेल खरीदारों में से एक देश रहा है. इतना ही नहीं चीन ने उसे पहले से कर्ज भी दे रखा है. अब वेनेजुएला के तेल में अमेरिका के दखल होने से शी जिनपिंग की नींद उड़ जाएगी.
चीन ने अमेरिकी की ओर से वेनेजुएला पर किए गए हमले की निंदा की है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हम एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति के खिलाफ की गई कार्रवाई से स्तब्ध हैं. अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है. यह लैटिन अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है. चीन इसका कड़ा विरोध करता है. अमेरिका को दूसरे देशों की संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन करना बंद करना चाहिए.’