मिडिल ईस्ट में जंग की वजह से तेलंगाना के लाखों लोग फंसे, CM रेवंत रेड्डी ने की ये अपील


अमेरिका और इजरायल के ईरान पर बड़े हमलों और ईरान की जवाबी कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच जाने के बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने शनिवार को ईरान और गल्फ देशों में रह रहे सभी तेलुगु नागरिकों से बेहद सतर्क रहने और भारतीय दूतावासों के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की. उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपात स्थिति में तेलंगाना सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर हर तेलुगु नागरिक की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी.

पश्चिमी एशिया में बिगड़े हालात

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं. अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर व्यापक हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और संयुक्त अरब अमीरात स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने ऐलान किया कि इजरायल और अमेरिका के तमाम ठिकाने उनके मिसाइल हमलों की जद में आ चुके हैं. कतर, कुवैत और यूएई ने हमलों की पुष्टि की, जबकि यूएई में मिसाइल रोकने के दौरान एक व्यक्ति की मौत भी हुई. होर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद होने की खबरें आने से खाड़ी में समुद्री यातायात भी थम-सा गया है.

तेलंगाना सरकार ने जताई चिंता

इस विस्फोटक माहौल में तेलंगाना सरकार की फिक्र स्वाभाविक है, क्योंकि लाखों तेलुगु परिवार इन्हीं गल्फ देशों में काम करते हैं और अपने घरों को पालते हैं. मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य सरकार के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित देशों में भारतीय दूतावासों और कांसुलेटों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और किसी भी जरूरी कदम के लिए हर वक्त तैयार रहें. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार इन देशों में रह रहे अपने नागरिकों की स्थिति पर नजदीकी नजर बनाए हुए हैं.

पहले भी बने थे ऐसे ही हालात

यह पहली बार नहीं है जब गल्फ संकट के दौरान तेलंगाना सरकार को इस तरह की चुनौती का सामना करना पड़ा है. जून 2025 में इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान भी 25 तेलंगाना निवासियों को जिनमें सात ईरान से और अठारह इज़रायल से थे. सुरक्षित स्वदेश लाया गया था, उस तजुर्बे ने सरकार को इस बार पहले से ही सक्रिय और मुस्तैद बना दिया है.

क्या बोले तेलंगाना सीएम ?

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि तेलंगाना के नागरिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है. उन्होंने विश्वास जताया कि सभी तेलुगु भाई-बहन सुरक्षित रहेंगे और उनसे अनुरोध किया कि वे सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें. एक ऐसे वक्त में जब पूरा खाड़ी क्षेत्र युद्ध की आंच में झुलस रहा है, यह आश्वासन उन लाखों परिवारों के लिए राहत की सांस लेकर आया है ,जिनके अपने इस धधकते इलाके में बसे हैं.



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