‘रूस के लिए बहुत बुरा होगा अगर…’, जेलेंस्की के साथ मीटिंग से पहले ट्रंप ने फिर दी पुतिन को धमकी!


अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (27 अगस्त, 2025) को यूक्रेन युद्ध रोकने को लेकर फिर से रूस को धमकी दी है. ट्रंप ने व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूक्रेन युद्ध पर उनकी और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की बातचीत नाकाम होती है, तो रूस को इकोनॉमिक वॉर का सामना करना पड़ सकता है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान कहा कि रूस के लिए इकोनॉमिक वॉर बहुत ही बुरा होगा. उन्होंने कहा, “यह विश्व युद्ध नहीं होगा, बल्कि एक आर्थिक युद्ध होगा, जो बहुत ही बुरा होगा. इससे रूस के लिए भी काफी बुरा होगा और मैं ऐसा नहीं चाहता हूं.”

ट्रंप ने युद्ध खत्म करने की खाई थी कसम, पर स्थिति अभी भी मुश्किल

हालांकि, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व में यह कसम खाई थी कि जैसे ही वह अमेरिका के राष्ट्रपति का पद संभालेंगे, वैसे ही वह यूक्रेन के खिलाफ रूस के जारी सैन्य अभियानों को खत्म. उन्होंने तभी से यूक्रेन के खिलाफ रूस के जारी हमलों को खत्म कर देंगे, लेकिन जनवरी 2025 में ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के करीब आठ महीने बाद भी यूक्रेन युद्ध की स्थिति मुश्किल बनी हुई है.

यहां तक कि रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ इसी महीने 15 अगस्त को अलास्का में एक शिखर सम्मेलन में मुलाकात की थी. ट्रंप-पुतिन की इस मुलाकात से यूक्रेन युद्ध में शांति स्थापना की प्रगति होने की उम्मीद थी. लेकिन ट्रंप-पुतिन की यह बैठक बेनतीजा रही.

रूस पर दबाव डालने के लिए ट्रंप ने लगाए कई प्रतिबंध

रूस-यूक्रेन में शांति न होने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मॉस्को के खिलाफ कई प्रतिबंधों की घोषणा की. इसके अलावा, ट्रंप ने दुनिया के उन सभी देशों को भी प्रतिबंध और अन्य नतीजे भुगतने की भी चेतावनी दी, जो रूस से तेल की खरीदारी करते थे, क्योंकि ट्रंप का मानना है कि रूस कच्चे तेल को निर्यात कर राजस्व इकट्ठा कर रहा है, जो यूक्रेन पर लगातार सैन्य अभियान चलाने में सहायक बन रही हैं.

ट्रंप ने भारत पर लगाया 50 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ

रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी में ट्रंप ने रूस से लगातार कच्चे तेल का आयात करने को लेकर भारत पर 50 परसेंट का अतिरिक्त टैरिफ घोषित कर दिया. हालांकि, उसी ट्रंप ने रूस से ज्यादा तेल और गैस आयात करने वाले चीन के खिलाफ उच्च टैरिफ लागू नहीं किया.

यह भी पढ़ेंः ‘धर्म सब जगह जाना चाहिए, लेकिन…’, संघ प्रमुख मोहन भागवत का धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *