असम विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) असम बिल 2026 को पास कर दिया है. इसके साथ ही असम नॉर्थ-ईस्ट का पहला और देश का तीसरा राज्य बन गया है, जहां यूनिफॉर्म सिविल कोड कानून लागू किया गया है. इस कानून के तहत शादी, तलाक, गोद लेना, संपत्ति और पारिवारिक मामलों से जुड़े नियम सभी नागरिकों के लिए एक समान होंगे. यानी अलग-अलग धर्मों के लिए अलग पर्सनल लॉ की जगह अब एक समान कानून लागू होगा.
सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य सभी नागरिकों को समान अधिकार देना और कानूनी व्यवस्था को सरल बनाना है. वहीं विपक्ष और कुछ संगठनों ने इसे लेकर चिंता भी जताई है और कहा है कि इससे धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर असर पड़ सकता है.असम से पहले उत्तराखंड और गोवा में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू हो चुका है. अब असम ऐसा कानून बनाने वाला तीसरा राज्य बन गया है.
A watershed moment in Assam’s history as we become the third Indian State to enact the UCC fulfilling the desire of the founding fathers of our nation.
It fulfils three important issues
✅Article 44 of Constitution
✅ @BJP4India‘s Founding Ideals
✅ @BJP4Assam electoral promise pic.twitter.com/GvCzAW5qVD— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 27, 2026
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) असम बिल 2026 के पास होने को राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया है. उन्होंने कहा कि यह कानून समानता और न्याय की दिशा में एक बड़ा फैसला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के इतिहास में यह एक अहम पल है, क्योंकि अब असम यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है. उन्होंने कहा कि यह कदम देश के संस्थापकों की सोच और संविधान निर्माताओं की इच्छा को आगे बढ़ाने वाला है. हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यह फैसला तीन महत्वपूर्ण बातों को पूरा करता है. इसमें संविधान के आर्टिकल 44 की भावना, बीजेपी के संस्थापक आदर्श और बीजेपी असम के चुनावी वादे शामिल हैं. उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता से जो वादा किया था, उसे पूरा किया गया है और यह कानून सभी नागरिकों के लिए समान व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है.
Today, with the passage of the #UCCAssam bill, every person from every religion across any region of Assam (except 6th schedule areas), will be equal before the law in terms of these civil matters.
I thank all NDA legislators for wholeheartedly supporting this crucial Bill. pic.twitter.com/xQrCGXedCJ
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) May 27, 2026
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