ईरान में पिछले हफ्ते शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के बाद अब सु्प्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता के बेदखल का डर सताने लगा है. डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के सुरक्षा बलों ने अपने ही देश के प्रदर्शनकारी नागरिकों की हत्या करना बंद नहीं किया तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. यहां स्थानीय नागरिक आर्थिक बदहाली और व्यक्तिगत स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर हैं. ट्रंप की धमकी के बाद ये कयास लगाए जाने लगे हैं कि क्या वेनेजुएला के बाद अब अमेरिका के टारगेट पर ईरान के सर्वोच्च नेता हैं?
मॉस्को भाग सकते हैं खामेनेई: रिपोर्ट
ब्रिटिश अखबार द टाइम्स को एक खुफिया सूत्र ने बताया कि अगर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का शासन ध्वस्त होता है तो वह मॉस्को भाग जाएंगे. इसमें कहा गया है कि ईरान में जिस तरह से उग्र प्रदर्शन हो रहा है और सरक्षा बल इसे रोकने में विफल रहे तो खामेनेई (86 साल) अपने सहयोगियों और परिवार के सात तेहरान से भाग जाएंगे.
क्या है खामेनेई का प्लान बी?
रिपोर्ट के अनुसार सूत्र ने बताया, ‘प्लान बी खामेनेई और उनके बेहद करीबी सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के लिए है, जिसमें उनके बेटे और नामित उत्तराधिकारी मोजतबा भी शामिल हैं.’ दिसंबर 2024 में, तत्कालीन सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद, जो रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और खामेनेई दोनों के सहयोगी थे, विद्रोही तख्तापलट से भागकर मॉस्को चले गए.
ईरानी विदेश मंत्री की अमेरिका को चेतावनी
ईरान के सर्वोच्च नेता ने अपने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर कहा था कि दंगाइयों पर सख्ती की जानी चाहिए. ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने देश के अंदरूनी मामलों में किसी भी तरह की दखल अंदाजी को पूरी तरह से खारिज किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को मारता है तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान की सेना जानती है कि अगर उसकी संप्रभुता का उल्लंघन होता है तो उसे कहां निशाना साधना है.
ईरान के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन
ईरान में नेशनल करेंसी रियाल की तेज गिरावट को लेकर लगभग 21 राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. इसे लेकर विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव से प्रभावित ईरानियों का अधिकार है. इस दौरान उन्होंने एक पुलिस स्टेशन पर हमले और अधिकारियों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने का जिक्र भी किया और हिंसा को लेकर अपनी राय रखी. इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि सार्वजनिक संपत्ति पर आपराधिक हमले बर्दाश्त नहीं किए जा सकते.