सावधान! भारत में ‘नमी वाली गर्मी’ ज्यादा खतरनाक क्यों? पसीना नहीं सूखा तो हीटस्ट्रोक और फिर मौत


कुछ दिन पहले बेमौसम बरसात से देश तर था और अब झुलसा देने वाली गर्मी का आलम है. मौसम विभाग ने अगले 5-6 दिन भीषण गर्मी वाले बताए हैं, लेकिन इस बीच एक और बड़ी मुसीबत बन गई है नमी वाली गर्मी. भारत में नमी वाली गर्मी जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है. यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का बेहद खतरनाक गठजोड़ है, तड़पा कर मारने के लिए काफी है. कैसे? जानते हैं एक्सप्लेनर में…

सवाल 1: देश भर में गर्मी कितना जला रही है?
जवाब: अप्रैल 2026 में दिल्ली और उत्तर भारत में गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि अगले 4-5 दिन हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत कई इलाकों में लू चलेगी. कुछ जगहों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. प्रयागराज में 20 अप्रैल को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री दर्ज हुआ. वाराणसी में 44 डिग्री, कानपुर-गोरखपुर-झांसी-आगरा में 40-43 डिग्री. दिल्ली में मार्च 2026 का औसत अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री पहुंच गया, जो 2011 के 30 डिग्री से 2.6 डिग्री ज्यादा है. 15 सालों में दिल्ली का मार्च का तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है.

अप्रैल में मानसून नहीं आता, फिर भी प्री-मानसून की उमस बढ़ रही है. 26 अप्रैल तक गंगा-तटीय बंगाल, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी UP में भी गर्म और आर्द्र मौसम रहने का खतरा है. अब सिर्फ तापमान नहीं, बल्कि नमी वाला तापमान सबसे बड़ा खतरा बन गया है.

 

IMD ने अगले 5 दिन के लिए भयंकर लू की चेतावनी जारी की है
IMD ने अगले 5 दिन के लिए भयंकर लू की चेतावनी जारी की है

सवाल 2: ‘नमी वाली गर्मी’ क्या है और यह लू से ज्यादा खतरनाक क्यों?
जवाब: नमी वाली गर्मी का मतलब है- गर्म हवा के साथ ज्यादा उमस. सूखी लू में पसीना जल्दी सूख जाता है और शरीर ठंडा हो जाता है, लेकिन नमी वाली गर्मी में पसीना सूखता ही नहीं है. शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल हो जाता है, शरीर का अंदरूनी तापमान बढ़ने लगता है और कुछ घंटों में हीटस्ट्रोक हो सकता है. साइंटिस्ट इसे ‘वेट-बल्ब टेम्परेचर’ से मापते हैं. अगर यह 35 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाए तो छाया में बैठा स्वस्थ इंसान भी 6 घंटे में जानलेवा खतरे में आ जाता है.

जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में एक स्टडी छपी. यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस के नेतृत्व में हुई रिसर्च में 80 साल से ज्यादा के मौसम डेटा का एनालिसिस किया. इसके मुताबिक, भारत में अब सबसे बड़ा खतरा ‘नमी वाली गर्मी’ है, न कि सिर्फ सूखी लू. दक्षिण-पश्चिम मानसून ही इसका सबसे बड़ा कंट्रोलर है. केरल सबसे आगे है. यहां दिन के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं. स्टडी कहती है कि 4 हफ्ते पहले मानसून पैटर्न देखकर नमी वाली लू की चेतावनी दी जा सकती है.

  • मानसून के एक्टिव फेज में: उत्तर भारत में नमी वाली लू की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है.
  • मानसून के ब्रेक फेज में: केरल और दक्षिण भारत सबसे ज्यादा खतरे में है.

सवाल 3: क्या यह जानलेवा है और इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?
जवाब: जर्नल स्टडी के मुताबिक, ज्यादा नमी में नॉर्मल तापमान जानलेवा बन सकता है. उत्तर भारत में मानसून के सक्रिय चरण में नमी वाली लू की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है. पहले लोग सिर्फ तापमान देखकर चलते थे, लेकिन अब पता चला है कि नमी का साथ हो तो 40 डिग्री से कम तापमान में भी लोग बीमार पड़ रहे हैं और मौतें हो रही हैं. यह जलवायु परिवर्तन का सबसे छिपा हुआ और घातक रूप है.

डाउन टू अर्थ और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 7 सावधानियां बरत कर नमी वाली गर्मी से बचा जा सकता है…  

  1. समय का ध्यान रखें: दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर बिल्कुल कम निकलें. अगर काम करना ही पड़े तो बार-बार छाया में 10-15 मिनट आराम करें.
  2. पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स: दिन भर में ढेर सारा पानी पिएं. ORS, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी, नारियल पानी या दही-लस्सी लें. आपका यूरीन हल्का पीला होना चाहिए, अगर गहरा हो तो समझ लें पानी कम हो रहा है.
  3. कपड़ों का चुनाव: ढीले, सूती, हल्के रंग के कपड़े पहनें. काले या सिंथेटिक कपड़े न पहनें क्योंकि वे गर्मी सोख लेते हैं. सिर पर टोपी, गमछा या छाता जरूर रखें.
  4. घर को ठंडा रखें: पर्दे बंद रखें, पंखा और कूलर चलाएं. रात में खिड़कियां खोलकर हवा आने दें. अगर AC है तो 24-26 डिग्री पर रखें.
  5. लक्षणों पर नजर: थकान, चक्कर आना, ज्यादा पसीना न आना, तेज बुखार, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और बेहोशी खतरे के संकेत हैं. ऐसा होने पर तुरंत ठंडी जगह पर जाएं, पानी पिएं और डॉक्टर को दिखाएं.
  6. खास लोगों की देखभाल: बुजुर्ग, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, हाई बीपी या डायबिटीज वाले और खुले में काम करने वाले मजदूर सबसे ज्यादा जोखिम में हैं. घर में वेंटिलेशन अच्छा रखें और रोज चेक करें.
  7. IMD की चेतावनी फॉलो करें: अप्रैल 2026 में IMD ने केरल, तमिलनाडु, गुजरात तट, ओडिशा, गंगटिक पश्चिम बंगाल में 20-26 अप्रैल तक ‘हॉट एंड ह्यूमिड’ का अलर्ट जारी किया है. लोकल मौसम ऐप या न्यूज चेक करते रहें.

आखिर में जान लें कि नमी वाली गर्मी कोई सामान्य गर्मी नहीं है. यह शरीर को अंदर से जला देती है, लेकिन अगर हम IMD की सलाह, पानी और छाया का साथ रखें तो 100% बच सकते हैं.

 

नमी वाली गर्मी से बचने के उपायों पर अमल करना जरूरी है
नमी वाली गर्मी से बचने के उपायों पर अमल करना जरूरी है

सवाल 4: तो इस नमी वाली गर्मी से राहत कब मिलेगी?
जवाब: नमी वाली गर्मी अब भारत का सबसे बड़ा जलवायु खतरा बन चुकी है और आगे यह और भी तेजी से बढ़ने वाली है. साइंटिफिक स्टडीज के मुताबिक, सिर्फ तापमान नहीं बल्कि गर्मी के साथ नमी का गठजोड़ आगे लंबे, ज्यादा खतरनाक और क्षेत्र-विशेष हीटवेव लाएगा. 2026 के बाकी गर्मियों में ही IMD की चेतावनी है कि पूर्वी, मध्य, उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय इलाकों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव वाले दिन रहेंगे. अप्रैल-जून 2026 में तटीय क्षेत्रों में हॉट एंड ह्यूमिड मौसम जारी रहेगा. मानसून के दौरान नमी और बढ़ेगी, जिससे उत्तरी भारत में नमी वाली लू की आशंका 125% तक बढ़ सकती है.



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