सोना न खरीदें: पीएम मोदी के बचाव में इंदिरा के फर्जी न्यूज क्लिप को शेयर कर रहे बीजेपी सांसद-नेता, विपक्ष ने आड़े हाथों लिया


Indira Gandhi Didn’t Appeal Stop buying Gold: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से की गई सोना न खरीदने की अपील के बाद से देश की सियासत में एक नई बहस छिड़ गई है. सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा जोरों पर है. ऐसे में दावा किया जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1967 में भारत के आर्थिक संकट के दौरान इसी तरह की अपील की थी.

बकायदा एक अंग्रेजी अखबार की कटिंग भी सर्कुलेट की जा रही है. अखबार की कटिंग 6 जून 1967 की बताई जा रही है. अखबार का नाम द हिंदू है. इसमें जो हेडिंग दी गई है, उसमें लिखा है कि सोना न खरीदें, इंदिरा ने लोगों से कहा है, राष्ट्रीय अनुशासन की अपील की है. 

लेकिन जिस तरह के दावे सोशल मीडिया पर किए जा रहे हैं, वो असल में फर्जी न्यूज क्लिप है. इस अखबार की कटिंग को बीजेपी सांसद और नेताओं ने शेयर की है. विपक्ष ने भी इस पूरे मामले को आड़े हाथों लिया है.  

अखबार ने बीजेपी नेता के दावे पर क्या कहा है?

द हिंदू ने इस अखबार की कटिंग से इनकार कर दिया है. अखबार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया गया है कि एक डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीर, जिसे द हिन्दू के 6 जून 1967 के अंक का पहला पन्ना बताया जा रहा है, आजकल सोशल मीडिया पर घूम रही है. हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह हमारे आर्काइव्स का पन्ना नहीं है. द हिंदू ने रीडर्स से सावधानी बरतने की अपील की है. साथ ही कहा है कि किसी भी चीज को शेयर करने से पहले उसकी सच्चाई की जांच कर लें. 

अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इंदिरा गांधी के कहने पर साल 1960 के दशक में फॉरेन करेंसी के संकट के समय सोना न खरीदने के अपील की गई थी? हालांकि, यह बात सच है कि देश एक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा था. इसमें विदेश मुद्रा की कमी, आयात का दबाव और सोने पर कड़े नियम शामिल थे. लेकिन सोना न खरीदने को लेकर किसी तरह की मनाही नहीं थी. 

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बीजेपी के कर्नाटक विस के विपक्ष नेता आर अशोक ने किया गलत दावा

इस मामले ने तब जोर पकड़ा जब बीजेपी के नेता और कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने 1967 की कथित अपील का हवाला दिया गया, जिससे पीएम मोदी की अपील को जवाब दे सकें. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, गैर जरूरी आयात को कम करने और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की बात कही थी. 

बीजेपी नेता ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लंबा चौड़ा पोस्ट किया है. इसमें कहा है कि कांग्रेस पार्टी की याददाश्त भी अजीब तरीके से काम करती है. जब 1967 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने भारतीयों से सोना न खरीदने को कहा था तो राष्ट्रीय अनुशासन कहा गया था. जब 2013 में श्री पी चिदंबरम ने लोगों से बार-बार गुजारिश की थी कि वे सोना खरीदने के लालच से बचें. इसे आर्थिक जिम्मेदारी कहा गया था. लेकिन अब जब पीएम मोदी अपील करते हैं, तो कांग्रेस नेता ऐसे पेश आते हैं, जैसे कोई अनोखी घटना घट गई हो. शायद समस्या नीति में नहीं है. शायद समस्या यह है कि वे इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मविश्वास, विश्वसनीयता और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है. कांग्रेस को रोजाना सोशल मीडिया पर हंगामा मचाने से पहले, अपने ही पुराने बयानों की एक डायरी बनाकर रखनी चाहिए.

नागरिकों से खर्च कम करने की अपील करना आर्थिक मजबूती नहीं

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि नागरिकों से खर्च कम करने की अपील करना आर्थिक मजबूती नहीं, बल्कि आर्थिक संकट को दिखाता है. राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए इस अपील को नाकामी का सबूत करार दिया है. 

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